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Dr. UK Chaudhary: खंडित मूर्तियों के सम्मानजनक विसर्जन की,पहल का डॉ. यू. के. चौधरी ने किया स्वागत

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Dr. UK Chaudhary: खंडित मूर्तियों के सम्मानजनक विसर्जन की,पहल का डॉ. यू. के. चौधरी ने किया स्वागत

नई दिल्ली, (रविंद्र कुमार ): राजधानी दिल्ली में धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण को संतुलित करने की दिशा में दिल्ली सरकार की नई पहल ने सामाजिक और धार्मिक संगठनों के बीच सकारात्मक चर्चा को जन्म दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा खंडित एवं पुरानी मूर्तियों के सम्मानजनक विसर्जन और वैज्ञानिक रिसाइक्लिंग को लेकर दिए गए आह्वान का भाजपा उत्तर-पूर्वी जिला अध्यक्ष डॉ . यू . के . चौधरी ने स्वागत करते हुए इसे “आस्था, स्वच्छता और आधुनिक पर्यावरणीय सोच का संतुलित मॉडल” बताया है। डॉ. यू. के. चौधरी ने कहा कि वर्षों से श्रद्धालु खंडित मूर्तियों को उचित व्यवस्था के अभाव में पीपल के पेड़ों के नीचे, नदी किनारों, पार्कों अथवा सार्वजनिक स्थलों पर छोड़ देते हैं। इससे जहां धार्मिक भावनाएं प्रभावित होती हैं, वहीं स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार द्वारा विशेष कलेक्शन सेंटर स्थापित करने और वैज्ञानिक तरीके से मूर्तियों के रिसाइक्लिंग की योजना बनाना अत्यंत सराहनीय और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हाल ही में इस विषय को गंभीरता से उठाते हुए दिल्लीवासियों से सुझाव भी मांगे हैं, ताकि ऐसी व्यवस्था तैयार की जा सके जो धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूत करे। उन्होंने कहा कि सरकार का यह संवादात्मक दृष्टिकोण दर्शाता है कि प्रशासन जनता की भागीदारी के साथ समाधान विकसित करना चाहता है।
डॉ. चौधरी ने कहा कि यह पहल केवल प्रशासनिक योजना नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि आस्था का सम्मान बनाए रखते हुए पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को आगे बढ़ाने में इस प्रकार की पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यदि खंडित मूर्तियों के लिए व्यवस्थित कलेक्शन सेंटर बनाए जाते हैं, तो धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर फैलने वाली अव्यवस्था में भी कमी आएगी तथा शहर अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित दिखाई देगा। केवल सरकार के प्रयासों से बदलाव संभव नहीं है, बल्कि जनता की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे खंडित मूर्तियों को खुले स्थानों पर न छोड़ें और सरकार द्वारा निर्धारित कलेक्शन सेंटरों का उपयोग करें। उन्होंने आगे कहा कि यह पहल केवल रिसाइक्लिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, धार्मिक सम्मान और आधुनिक पर्यावरणीय सोच का एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करती है। इससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण देने में मदद मिलेगी। डॉ. चौधरी ने विश्वास जताया कि भाजपा कार्यकर्ता और सामाजिक संगठन इस जन जागरूकता अभियान को जनता तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की यह योजना भविष्य में देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल साबित हो सकती है।

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