सत्य के साथ • आपके साथरविवार, 8 नवंबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
Delhi Building Collapse: दिल्ली में इमारतें नहीं, निगम का भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था ढह रही है : श्याम सुन्दर अग्रवालFood Adulteration: मिलावट के खिलाफ मुख्यमंत्री का सड़क पर उतरना जन स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण : रोमेश चंद्र गुप्ताFood Adulteration: मुख्यमंत्री की सक्रियता से मिलावटखोरों में मचेगा हड़कंप, जनता की सेहत से समझौता नहीं करेगी सरकार : गुरमीत सिंह सूराPoland Shooting: क्राकोव के मुख्य बाजार में कार से अंधाधुंध फायरिंग, छह लोगों की मौत, 15 घायल; हमलावर गिरफ्तारIND vs NZ: छोटे लक्ष्य का पीछा करने में छूटे भारत के पसीने, दूसरे वनडे में चार रन से जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़तSharad Pawar Health Update: शरद पवार की सेहत में सुधार, तीन दिन बाद मुंबई के अस्पताल से मिली छुट्टी; घर पर जारी रहेगा इलाजSonia Gandhi Memoir: मोदी सरकार पर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप, आपातकाल और राजीव गांधी से रिश्ते पर भी बोलीं सोनिया; भाजपा का पलटवारBismillah Khan House: पुश्तैनी मकान पर बुलडोजर चलने के अखिलेश यादव के दावे को परिवार ने नकारा, खुद करा रहा पुनर्निर्माण; भूतल पर बनेगा संग्रहालय

West Bengal Counting Dispute: मतगणना से पहले कोर्ट पहुंची TMC, काउंटिंग स्टाफ में केंद्रीय कर्मियों की तैनाती पर सवाल

2 मिनट पढ़ें
West Bengal counting dispute, TMC Supreme Court, Mamata Banerjee
Advertisement

West Bengal Counting Dispute: मतगणना से पहले कोर्ट पहुंची TMC, काउंटिंग स्टाफ में केंद्रीय कर्मियों की तैनाती पर सवाल

पश्चिम बंगाल में 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें काउंटिंग टेबल पर केंद्रीय या पीएसयू कर्मचारियों की अनिवार्य तैनाती की बात कही गई है। जैसे-जैसे मतगणना का दिन नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे यह विवाद भी गहराता जा रहा है। टीएमसी का कहना है कि यह आदेश चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर असर डाल सकता है और इससे चुनाव में समान अवसर का माहौल प्रभावित हो सकता है।

पार्टी ने अपनी याचिका में यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई नियम चुनाव आयोग की आधिकारिक गाइडबुक में नहीं है, जिससे यह अनिवार्य हो कि काउंटिंग स्टाफ में केंद्रीय कर्मचारियों को शामिल किया जाए। इसके अलावा टीएमसी ने यह भी सवाल उठाया है कि इस तरह का आदेश राज्य के एडिशनल चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर द्वारा जारी किया गया, जबकि ऐसा निर्णय लेने का अधिकार केवल मुख्य चुनाव आयोग के पास होना चाहिए।

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है और जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा तथा जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच इस पर विचार करेगी। इस पूरे विवाद ने बंगाल की सियासत में नई बहस छेड़ दी है और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मतगणना से ठीक पहले उठे इस मुद्दे ने चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है और अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो आगे की चुनावी प्रक्रिया पर बड़ा असर डाल सकता है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *