Noida Protest Violence कर्मचारियों के प्रदर्शन में बवाल, पुलिस पर पथराव से हालात तनावपूर्ण
उत्तर प्रदेश के Noida में कर्मचारियों के प्रदर्शन ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया, जिससे कई इलाकों में तनाव का माहौल बन गया। सोमवार को शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन मंगलवार तक भी जारी रहा, खासकर Noida Sector 80 और फेज-2 क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कंपनी के बाहर धरना दिया और वेतन वृद्धि सहित अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान हालात तब बिगड़ गए जब कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बीच-बीच में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
Noida Sector 63 से सामने आई ग्राउंड रिपोर्ट में हिंसा के स्पष्ट निशान दिखाई दे रहे हैं। सड़कों के किनारे जली हुई गाड़ियां खड़ी हैं और कई फैक्ट्रियों के शीशे टूटे हुए हैं। परिसर के अंदर भी पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है।
Gautam Buddha Nagar की पुलिस कमिश्नर Lakshmi Singh ने जानकारी देते हुए बताया कि स्थिति को बिगाड़ने में बाहरी तत्वों की भूमिका सामने आई है। उनके अनुसार, जब स्थानीय मजदूर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, तभी बाहर से आए कुछ समूहों ने लोगों को उकसाकर हिंसा भड़काने की कोशिश की। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और अन्य की पहचान की जा रही है।
फेज-2 क्षेत्र में प्रदर्शनकारी कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और 20 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग कर रहे हैं। ‘11 हजार में दम नहीं, 20 हजार से कम नहीं’ जैसे नारे लगाते हुए उन्होंने विरोध तेज कर दिया है। इसी दौरान कई स्थानों पर पथराव की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए Noida Sector 70 में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी निकाला। वरिष्ठ अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल सड़कों पर गश्त करते नजर आए, ताकि कानून-व्यवस्था को बनाए रखा जा सके और आम लोगों में विश्वास कायम किया जा सके।
घटना में घायल हुए सब-इंस्पेक्टर माता प्रसाद गुप्ता ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने अचानक पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया, जिसमें उन्हें भी चोटें आईं। उन्होंने कहा कि कुछ आरोपियों को मौके से पकड़ लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
नोएडा में भड़की यह हिंसा एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिक असंतोष और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।



