PM Modi Budget Session 2026 Speech: ‘ये समय व्यवधान का नहीं, सुधार और प्रदर्शन का है’, बजट सत्र से पहले पीएम मोदी का बड़ा संदेश
संसद का बजट सत्र 2026 गुरुवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है और इस अहम मौके से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में देश को संबोधित करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि यह समय टकराव या व्यवधान का नहीं, बल्कि सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन का है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब पूरी तरह से “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार हो चुका है और देश की दिशा ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र से तय होगी। उनके इस बयान को बजट सत्र में बड़े और दूरगामी फैसलों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2026 की शुरुआत में ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए सांसदों के सामने जो अपेक्षाएं रखी हैं, वे बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी सांसदों ने राष्ट्रपति के संदेश को गंभीरता से लिया होगा और उसी भावना के साथ सदन की कार्यवाही में भाग लेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि बजट सत्र अपने आप में अत्यंत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसी सत्र में देश की आर्थिक दिशा, नीतिगत प्राथमिकताएं और भविष्य की योजनाएं तय होती हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज आत्मविश्वास से भरा भारत न सिर्फ अपने नागरिकों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए आशा की किरण बन चुका है। भारत आज वैश्विक मंच पर आकर्षण का केंद्र है और दुनिया भारत के साथ साझेदारी को लेकर उत्सुक है। इसी संदर्भ में उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते का उदाहरण दिया और कहा कि यह समझौता आने वाले वर्षों में भारत के युवाओं और उद्योग जगत के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
पीएम मोदी ने उद्योगपतियों, निर्माताओं और उत्पादकों से अपील करते हुए कहा कि भारत-यूरोपीय संघ का बाजार खुलना एक बड़ा मौका है। अब भारतीय उत्पादकों के पास विशाल अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच का अवसर है, जहां वे प्रतिस्पर्धी कीमतों पर अपने उत्पाद पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह समय निष्क्रिय बैठने का नहीं, बल्कि अपनी क्षमताओं को बढ़ाने, गुणवत्ता सुधारने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होने का है।
प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि सरकार सुधारों की रफ्तार को और तेज करने के मूड में है। हालांकि उन्होंने अपने भाषण में बजट से जुड़े किसी विशेष प्रस्ताव का खुलासा नहीं किया, लेकिन ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ और ‘ट्रांसफॉर्मेशन’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल से यह स्पष्ट कर दिया कि यह बजट सत्र कई बड़े फैसलों और नीतिगत बदलावों का गवाह बन सकता है। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे सदन को सुचारु रूप से चलने दें और देशहित में रचनात्मक चर्चा करें, ताकि संसद जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतर सके।
प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन न सिर्फ बजट सत्र की दिशा तय करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार 2026 को सुधारों और आर्थिक मजबूती का अहम साल मानकर आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर होने वाली चर्चाओं और फैसलों पर अब पूरे देश की नजर टिकी हुई है।



