Home राज्य Nagaland Spurious Liquor: नागालैंड में जहरीली शराब से 19 की मौत, FSL...

Nagaland Spurious Liquor: नागालैंड में जहरीली शराब से 19 की मौत, FSL में मेथनॉल की पुष्टि, SIT गठित

0
14
Nagaland Spurious Liquor, Methanol Poisoning, Nagaland Liquor Tragedy, Illegal Liquor India, Nagaland Police

Nagaland Spurious Liquor: नागालैंड में जहरीली शराब से 19 की मौत, FSL में मेथनॉल की पुष्टि, SIT गठित

कोहिमा। नागालैंड में संदिग्ध मिलावटी शराब पीने से पिछले दो दिनों के दौरान 19 लोगों की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद राज्य में हड़कंप मचा हुआ है। फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की जांच में शराब के नमूनों में मेथनॉल की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अवैध शराब की सप्लाई और बिक्री की पूरी श्रृंखला का पता लगाने के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी कर 19 लोगों को गिरफ्तार किया है और करीब 3000 बोतलें जब्त की हैं।

पुलिस के अनुसार, जहरीली शराब से हुई मौतों में से आठ मामले मोकोकचुंग जिले से और 11 मौतें तुएनसांग जिले से सामने आई हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि संदिग्ध मिलावटी शराब के सेवन से जुड़ी यह संख्या आगे और बढ़ सकती है। दोनों जिलों में पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनाक्रम की जांच कर रही हैं तथा शराब के स्रोत और इसे लोगों तक पहुंचाने वाले नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

मामले की जांच के लिए गठित SIT का नेतृत्व ASP आई. बुंगलांग चांग कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध अवैध शराब के स्रोत, उसके निर्माण, भंडारण और अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किए जाने की पूरी कड़ी की जांच की जा रही है। पुलिस को अवैध शराब की खरीद-बिक्री को लेकर कुछ अहम सुराग भी मिले हैं, हालांकि जांच पूरी होने से पहले इनके बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।

घटना के बाद पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में 19 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने करीब 3000 शराब की बोतलें भी बरामद की हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब्त की गई शराब और उससे जुड़े अन्य नमूनों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि लोगों की मौत के पीछे इस्तेमाल की गई शराब किस तरह तैयार की गई थी और उसे किन माध्यमों से बाजार या लोगों तक पहुंचाया गया।

फोरेंसिक जांच में मेथनॉल की पुष्टि होने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। मेथनॉल अत्यंत विषैला रसायन है और इसके सेवन से शरीर पर गंभीर असर पड़ सकता है। पुलिस ने लोगों को विशेष रूप से चेतावनी दी है कि बिना पहचान, बिना लेबल या संदिग्ध स्रोत से मिलने वाली अवैध शराब का सेवन न करें। अधिकारियों ने कहा है कि अगर शराब पीने के बाद किसी व्यक्ति को चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, सांस लेने में परेशानी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत चिकित्सकीय सहायता दिलाई जानी चाहिए।

नागालैंड में हुई इस घटना की एक खास वजह यह भी है कि राज्य में लंबे समय से शराबबंदी का कानून लागू है। नागालैंड लिकर टोटल प्रोहिबिशन यानी NLTP कानून वर्ष 1989 में पारित किया गया था और वर्ष 1990 में इसे लागू किया गया। इस कानून के तहत राज्य में शराब के निर्माण, बिक्री, रखने और सेवन पर प्रतिबंध लगाया गया था। धार्मिक और सामाजिक संगठनों की मांग के बाद यह व्यवस्था लागू की गई थी।

शराबबंदी के बावजूद कथित अवैध शराब की उपलब्धता और उसकी सप्लाई को लेकर सामने आई यह घटना पुलिस और प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब कहां तैयार की गई, इसमें मेथनॉल किस स्तर पर मिला और इसे किन लोगों के जरिए अलग-अलग जिलों तक पहुंचाया गया। जांच में गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ के आधार पर सप्लाई नेटवर्क की अन्य कड़ियां सामने आने की संभावना है।

मोकोकचुंग और तुएनसांग जिलों में मौतों की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने लोगों से कहा है कि वे किसी भी संदिग्ध या अवैध शराब का इस्तेमाल न करें और ऐसी गतिविधियों की जानकारी तत्काल प्रशासन या पुलिस को दें। अधिकारियों की कोशिश है कि संदिग्ध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए और जो भी लोग इस नेटवर्क से जुड़े हैं, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने शराब के नमूनों को फोरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा था। अब FSL रिपोर्ट में मेथनॉल की पुष्टि होने से जांच को एक महत्वपूर्ण आधार मिला है। हालांकि मौतों से जुड़े सभी मामलों की परिस्थितियों और प्रत्येक पीड़ित के सेवन किए गए पदार्थ की पूरी कड़ी की जांच अभी जारी है। पुलिस अलग-अलग स्थानों से मिले नमूनों और सबूतों को आपस में जोड़कर पूरी घटना की तस्वीर साफ करने में जुटी है।

इस घटना के बाद प्रशासन के सामने अवैध शराब की सप्लाई रोकने के साथ-साथ संभावित रूप से प्रभावित लोगों की पहचान और स्वास्थ्य संबंधी सहायता सुनिश्चित करने की चुनौती भी है। जिन लोगों ने संदिग्ध शराब का सेवन किया है, उनमें यदि किसी प्रकार के गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं तो समय पर अस्पताल पहुंचाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नागालैंड में एक साथ 19 लोगों की मौत और मेथनॉल की पुष्टि ने अवैध शराब के खतरे को फिर सामने ला दिया है। राज्य में शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध सप्लाई नेटवर्क का सक्रिय होना पुलिस के लिए जांच का प्रमुख बिंदु है। फिलहाल SIT की जांच, गिरफ्तार लोगों से पूछताछ, जब्त शराब की पड़ताल और अन्य नमूनों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here