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दिल्ली सरकार की योजना से यमुना में पानी का बहाव बना रहेगा : गुरमीत सिंह सूरा

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गुरमीत सिंह सूरा
दिल्ली सरकार की योजना से यमुना में पानी का बहाव बना रहेगा : गुरमीत सिंह सूरा

दिल्ली सरकार की योजना से यमुना में पानी का बहाव बना रहेगा : गुरमीत सिंह सूरा

नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं नें दिल्ली की मैली यमुना को साफ़ करने का बड़ा वादा किया था | अपना वादा निभाते हुए ट्रिपल इंजन सरकार नें राजधानी दिल्ली में यमुना की सफाई के लिए कई योजनायें बनाई और उनपर काम भी शुरू हो चुका है | यह कहना है भारतीय जनता पार्टी शाहदरा जिले के वरिष्ठ नेता तथा पश्चमी जिले के पूर्व सह-प्रभारी गुरमीत सिंह सूरा का |

गुरमीत सिंह सूरा कहते हैं मानसून के पहले और कूच बाद अक्से यमुना में जल प्रवाह नाममात्र का रह जाता है जिसके चलते यमुना और ज्यादा मैली दिखती हैं लेकिन अब दिल्ली सरकार नें इसका भी इंतजाम कर दिया है यमुना में लगातार जल बहाव रहेगा इसके लिए रेखा गुप्ता सरकार नें योजना बना ली है जिस पर तेजी से काम शुरू होने की सम्भावना है | गुरमीत सिंह सूरा कहते हैं गर्मियों में हर साल गंदे नाले में तब्दील होने वाली यमुना को जीवंत करने के लिए दिल्ली सरकार ने 403 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया है। इससे यमुना विहार स्थित 25 एमजीडी (113.65 एमएलडी) सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को अपग्रेड कर 40 एमजीडी (181.84 एमएलडी का बनाया जाएगा। यहीं पर खाली पड़े एरिया में 15 एमजीडी (68.19 एमएलडी) का नया एसटीपी बनाया जाएगा।

गुरमीत सिंह सूरा कहते हैं प्रोजेक्ट पर जल बोर्ड ने करीब 403 करोड़ रुपये खर्च का एस्टिमेट तैयार किया है। नए प्लांट के निर्माण और पुराने को अपग्रेड करने की डेडलाइन 18 महीने तय की गई है। जल बोर्ड अफसरों का कहना है कि यमुना विहार में फेज-2 के तहत 25 एमजीडी का प्लांट बनाया गया है, जो साल 2015 में कमिशन (चालू) हुआ था। तब यह प्लांट पुराने स्टैंडर्ड के हिसाब से बनाया गया था, जिसमें गंदे पानी को ट्रीट करने के बाद भी बीओडी/टीएसएस लेवल 20/30 एमजी प्रति लीटर होता है। गुरमीत सिंह सूरा कहते हैं गर्मियों में दिल्ली के 22 किमी स्ट्रेच में यमुना लगभग सूख-सी जाती है। प्रवाह को बनाए रखने के लिए तय नियमों के अनुसार हथिनी कुंड बैराज से यमुना में रोजाना 2500 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना चाहिए। लेकिन, बैराज से 352 क्यूसेक ही पानी पिछले कुछ सालों से छोड़ा जा रहा है, जो करीब 86 प्रतिशत कम है। यह पानी वजीराबाद तक आते-आते बेहद कम हो जाता है।

इसी के चलते नदी का फ्लो नालों के पानी के चलते गहरे काले रंग का दिखने लगता है। जल बोर्ड अफसरों का कहना है कि इसलिए यह कवायद की जा रही है कि यमुना के प्रवाह को हमेशा एक समान बनाए रखने के लिए ट्रीटेड वॉटर इसमे छोड़ा जाए। श्री सूरा कहते हैं दिल्ली सरकार की इस योजना से यमुना में पानी निरंतर बना रहेगा जिसके चलते यमुना खुबसुरत दिखेगी और क्रूज़ भी चलने में कोई परेशानी नही होगी और लोग यमुना में क्रूज़ की सवारी का आनन्द भी ले सकेगें |

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