Home राजनीति Chandrima Bhattacharya Resigns: टीएमसी को बड़ा झटका, बंगाल प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य...

Chandrima Bhattacharya Resigns: टीएमसी को बड़ा झटका, बंगाल प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सभी पार्टी पदों से दिया इस्तीफा

0
3

Chandrima Bhattacharya Resigns: टीएमसी को बड़ा झटका, बंगाल प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने सभी पार्टी पदों से दिया इस्तीफा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने शनिवार को अपने सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया। हाल ही में विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के बाद उन्हें टीएमसी की बंगाल इकाई का अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन अब उनके अचानक इस्तीफे ने पार्टी के भीतर चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम और संगठनात्मक चुनौतियों को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है।

चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपना इस्तीफा पार्टी नेतृत्व को भेजे गए पत्र के माध्यम से सौंपा। उन्होंने पत्र में लिखा कि वह 3 जून 2026 को कालीघाट में हुई बैठक में उन्हें सौंपी गई ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी से इस्तीफा दे रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी में अपने सभी अन्य पदों से भी त्यागपत्र देने की घोषणा की। उन्होंने पार्टी और उससे जुड़ी संस्थाओं के बैंक खातों में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (ऑथराइज्ड सिग्नेटरी) की जिम्मेदारी भी छोड़ दी है। साथ ही भारत के चुनाव आयोग के समक्ष पार्टी की अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में अपना नाम वापस लेने की भी जानकारी दी।

चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने इस्तीफे के पीछे पार्टी नेतृत्व का विश्वास खोने को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में उनके लिए संगठन में प्रभावी ढंग से कार्य करना कठिन हो गया था। वहीं, टीएमसी की ओर से इस कदम को पहले से नियोजित निर्णय बताया गया है।

विधानसभा चुनाव में टीएमसी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव किए थे। सभी मौजूदा समितियों को भंग कर संगठन का पुनर्गठन किया गया था। इसी प्रक्रिया के तहत चंद्रिमा भट्टाचार्य को वरिष्ठ नेता सुब्रत बख्शी की जगह पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनका कार्यकाल करीब एक महीने का ही रहा और अब उनके इस्तीफे ने पार्टी की संगठनात्मक स्थिति पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

चंद्रिमा भट्टाचार्य पश्चिम बंगाल की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा रही हैं। वह ममता बनर्जी की करीबी सहयोगियों में गिनी जाती थीं और राज्य सरकार में वित्त, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, भूमि सुधार तथा शरणार्थी एवं पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की और राजनीति में आने से पहले वकालत भी की। वह टीएमसी के टिकट पर दमदम उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुकी हैं।

चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे को टीएमसी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक झटका माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी लगातार संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही है और कई बड़े नेताओं के इस्तीफों तथा आंतरिक असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे समय में प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ना पार्टी के लिए नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, पार्टी के भीतर जारी राजनीतिक घटनाक्रम और भविष्य की रणनीति को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में टीएमसी संगठन में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि पार्टी नेतृत्व इस संकट से कैसे निपटता है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here