
Badarpur Building Collapse: दिल्ली के बदरपुर में बड़ा हादसा टला, चार मंजिला बिल्डिंग भरभरा कर गिरी, कोई जनहानि नहीं
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के बदरपुर इलाके में शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक चार मंजिला इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई। यह घटना दोपहर करीब 1:30 बजे के आसपास हुई। गनीमत रही कि हादसे के समय बिल्डिंग पूरी तरह खाली थी और आसपास भी कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिसके चलते किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। लेकिन इस हादसे ने एक बार फिर दिल्ली की जर्जर इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया। तीन फायर टेंडर घटनास्थल पर भेजे गए और इलाके को घेरकर सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इमारत के गिरने से आसपास के बिजली के खंभे टूट गए, जिसके कारण इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बीएसईएस की टीम मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य में जुटी है, हालांकि बिजली व्यवस्था को सामान्य करने में कई घंटे लग सकते हैं।
स्थानीय प्रशासन और एमसीडी अधिकारियों ने बताया कि इमारत काफी पुरानी और जर्जर हालत में थी। पिछले कई दिनों से दिल्ली में हो रही लगातार बारिश की वजह से दीवारों और नींव में पानी का रिसाव हुआ, जिससे इसकी संरचना और कमजोर हो गई और अंततः यह गिर गई। प्राथमिक जांच में भी यही आशंका जताई गई है कि पानी की नमी और जर्जर हालात के कारण यह हादसा हुआ।
साउथ-ईस्ट दिल्ली जिले के तहसीलदार धीरज कुमार मलिक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। वहीं दमकल विभाग के अधिकारियों ने कहा कि सूचना मिलते ही उनकी टीमें तुरंत सक्रिय हुईं और इलाके को खाली कराकर सुरक्षित किया गया।
स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है कि हादसे के समय कोई भी वहां मौजूद नहीं था। दरअसल, इमारत के आसपास हमेशा भीड़भाड़ रहती है और ठीक पास से ही मथुरा रोड गुजरती है, जिस पर हजारों वाहन रोजाना चलते हैं। यदि यह हादसा व्यस्त समय में होता तो नुकसान कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता था। वर्तमान में इलाके की स्थिति सामान्य है और मलबा हटाने का कार्य तेजी से जारी है।
यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि राजधानी में कई पुरानी और कमजोर इमारतें मौजूद हैं, जिनकी समय पर जांच और मरम्मत न होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे भवनों का सर्वेक्षण तुरंत किया जाए और उन्हें खाली कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

