West Bengal Earthquake: कोलकाता से ढाका तक हिली धरती,बंगाल और बांग्लादेश में 5.6 तीव्रता का भूकंप, लोगों में दहशत, कोई नुकसान नहीं
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में शुक्रवार सुबह अचानक धरती हिलने लगी, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। सुबह 10 बजकर 10 मिनट पर आए इन झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.6 मापी गई। झटके इतने तेज थे कि कोलकाता समेत कई शहरों में लोग घबराकर अपने घरों, दफ्तरों और इमारतों से बाहर निकल आए। भूकंप लगभग 17 सेकेंड तक महसूस किया गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
भूकंप का केंद्र बांग्लादेश के नरसिंगडी और टुंगी इलाके के पास रहा। यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजी सेंटर (EMSC) के अनुसार, भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर आंकी गई, जो इसे अपेक्षाकृत उथला भूकंप बनाती है। उथली गहराई के कारण झटके अधिक दूर तक महसूस किए गए। इसका असर न सिर्फ कोलकाता और आसपास के जिलों पर पड़ा, बल्कि उत्तर बंगाल के कूचबिहार, दिनाजपुर और सीमा के पास बसे इलाकों में भी धरती कंपकंपाई।
कोलकाता में लोग अचानक टेबल, कुर्सियों और दीवारों के हिलने से समझ गए कि भूकंप आया है। स्कूल, मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, मार्केट और सरकारी दफ्तरों में मौजूद लोग तेजी से खुले मैदानों में निकल आए। हालांकि झटके तेज थे, लेकिन पूरे राज्य से राहत की बात यह रही कि कहीं से भी किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं मिली। प्रशासन अभी भी सतर्क है और लगातार क्षेत्रीय मॉनिटरिंग की जा रही है।
उधर, भूकंप का असर सीमापार बांग्लादेश में भी देखा गया। राजधानी ढाका और आसपास के जिलों में भी लोग घरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर लोग अपने अनुभव साझा करते हुए कह रहे हैं कि झटके काफी तेज थे और कई सेकेंड तक लगातार महसूस होते रहे।
इसी बीच, पाकिस्तान में भी तड़के भूकंप के झटके दर्ज किए गए। वहां रिक्टर स्केल पर 5.2 तीव्रता का झटका महसूस हुआ, जिसका केंद्र 135 किलोमीटर की गहराई पर बताया गया। दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में एक ही दिन में दर्ज हुए इन भूकंपों ने लोगों को एक बार फिर प्राकृतिक आपदा को लेकर सतर्क कर दिया है।
भूकंप विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहें और भूकंप जैसे हालात में सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने भी कहा है कि आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह तैयार हैं और लगातार निगरानी जारी है।



