Chhath Puja Delhi: दिल्ली में यमुना घाटों पर छठ पूजा की अनुमति, 17 मॉडल घाट और 200 सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आयोजित
इस साल दिल्ली में छठ महापर्व पहले से कहीं अधिक भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज छठ पूजा की तैयारियों को लेकर बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि सरकार ने यमुना नदी पर छठ पूजा के आयोजन से जुड़ा प्रतिबंध हटा दिया है और राजधानी में साफ-सुथरे, सुरक्षित और आधुनिक छठ घाट बनाए जा रहे हैं।
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि सरकार यमुना नदी के किनारे 17 मॉडल छठ घाट तैयार कर रही है, जहां श्रद्धालुओं के लिए टेंट, बिजली, शौचालय, पेयजल और सफाई जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, दिल्ली के सभी जिलों और उपजिलों में कम से कम एक मॉडल छठ घाट बनाए जा रहे हैं ताकि किसी श्रद्धालु को किसी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने यमुना पर छठ पूजा करने पर रोक लगा दी थी, लेकिन उनकी सरकार ने परंपरा का सम्मान करते हुए यह प्रतिबंध हटाया और आयोजन की जिम्मेदारी स्वयं संभाल रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस बार छठ पूजा स्थलों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। पिछले साल दिल्ली में 929 जगहों पर छठ मनाई गई थी, जबकि इस बार अब तक 1,000 से अधिक समितियों से आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इसके साथ ही सरकार 200 से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेगी, जिनमें भोजपुरी और मैथिली भाषाओं में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, ताकि पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल और भी भव्य बने।
स्वच्छ जल में अर्घ्य अर्पित करने की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए विशेष स्वच्छता अभियान भी शुरू किया गया है। इस अभियान में सांसद, विधायक और पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों के घाटों का दौरा कर सफाई कार्य की निगरानी करेंगे। सीएम ने कहा कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि श्रद्धालु स्वच्छ और सुरक्षित माहौल में पूजा कर सकें।
साथ ही, उन्होंने बताया कि साल 2021 में यमुना पर छठ मनाने वालों पर दर्ज आईपीसी की धारा 188 के तहत एफआईआर अब उनकी सरकार वापस लेगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा यमुना घाट पर छठ मनाने वालों के खिलाफ दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएंगे।
वायु गुणवत्ता पर बात करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि दीपावली के अगले दिन का एयर क्वालिटी इंडेक्स पहले की तुलना में बेहतर रहा, और पटाखों की अनुमति होने के बावजूद प्रदूषण का स्तर घटा है।



