East Delhi MCD Meeting: पूर्वी दिल्ली में अवैध पार्किंग और आवारा पशुओं का मुद्दा छाया
पूर्वी दिल्ली नगर निगम (MCD) जोन की एक अहम बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता एमसीडी जोन अध्यक्ष रामकिशोर शर्मा ने की, जबकि उपाध्यक्ष राजू सचदेवा (साईं) और डीसी बादल कुमार भी मौजूद रहे। इस अवसर पर सभी दलों के पार्षद शामिल हुए और उन्होंने अपने-अपने वार्डों की प्रमुख समस्याएं समिति के सामने रखीं।
बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा जिन मुद्दों पर हुई, उनमें अवैध पार्किंग और आवारा पशुओं की समस्या प्रमुख रही। कई पार्षदों ने कहा कि इन समस्याओं के कारण न केवल यातायात व्यवस्था चरमराई हुई है बल्कि नागरिकों को भी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पटपड़गंज की पार्षद रेनू चौधरी ने बैठक में आवारा पशुओं की समस्या को उठाया। उन्होंने कहा कि सड़कों पर मरने वाले आवारा पशुओं को समय पर नहीं उठाया जाता, जिससे संक्रमण और गंदगी फैलने का खतरा बना रहता है। उन्होंने एमसीडी प्रशासन से मांग की कि मृत पशुओं को उठाने के लिए अलग से त्वरित कार्रवाई दल नियुक्त किया जाए।
इसके अलावा, अवैध पार्किंग को लेकर भी कई पार्षदों ने आवाज बुलंद की। उनका कहना था कि कॉलोनियों और बाजारों में अनधिकृत तरीके से पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है और जहां-तहां खड़ी गाड़ियां आम लोगों के लिए यातायात का संकट पैदा कर रही हैं। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों की शिकायत है कि यह समस्या लगातार बढ़ रही है और उस पर रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
बैठक के दौरान विपक्षी पार्षदों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि इन मुद्दों को लेकर कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन कार्रवाई नाममात्र की हुई। वहीं, ruling पक्ष के पार्षदों ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन और निगम मिलकर इन समस्याओं को हल करने के लिए जल्द ही विशेष अभियान चलाएंगे।
डीसी बादल कुमार ने कहा कि एमसीडी प्रशासन अवैध पार्किंग के खिलाफ कड़े कदम उठाएगा और आवारा पशुओं से निपटने के लिए विशेष टीमें गठित की जाएंगी। उन्होंने पार्षदों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए नागरिकों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी।
इस बैठक से स्पष्ट संकेत मिला कि पूर्वी दिल्ली में बढ़ती शहरी चुनौतियों से निपटने के लिए निगम और पार्षद मिलकर व्यापक रणनीति बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।



