प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा। सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के मौके पर आयोजित समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष अब अपनी भूमिका रचनात्मक तरीके से निभाने के बजाय देश के विकास में बाधाएं खड़ी कर रहा है। उन्होंने विपक्ष को ‘विरोध पक्ष’ के बजाय ‘अवरोध पक्ष’ बताते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक हताशा और निराशा के कारण कुछ दल लगातार ऐसे कदम उठा रहे हैं, जिनसे देश की प्रगति प्रभावित होती है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र में सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना और नीतियों का विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर विकास कार्यों में रुकावट पैदा करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को मिलकर काम करना चाहिए। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें समाज में विभाजन पैदा करने और देश की एकता को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कौन लोग विदेशों में भारत विरोधी ताकतों से गुप्त रूप से मिल रहे हैं और कौन देश विरोधी तत्वों जैसी भाषा बोल रहा है। प्रधानमंत्री ने ऐसी गतिविधियों के खिलाफ देशवासियों से एकजुट रहने की अपील की।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए दावा किया कि देश के दूरदराज के इलाकों में सशस्त्र नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि नक्सलवाद की विचारधारा और उसके प्रभाव से जुड़ी चुनौतियां अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। उन्होंने ‘दिमागी नक्सलियों’ का जिक्र करते हुए कहा कि देश को ऐसी विचारधाराओं और प्रयासों के प्रति भी सतर्क रहना होगा, जो समाज में विभाजन पैदा करने का काम करते हैं।
राष्ट्रीय एकता दिवस का मुख्य कार्यक्रम गुजरात के एकता नगर में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की। सरदार पटेल की जयंती को हर वर्ष 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। स्वतंत्रता के बाद देश की सैकड़ों रियासतों के भारतीय संघ में एकीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। इसी योगदान को याद करते हुए देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का भी अवलोकन किया। इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, विभिन्न राज्यों की पुलिस और अन्य सुरक्षा संगठनों के जवानों ने हिस्सा लिया। इस वर्ष परेड में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की उपलब्धियों और पहले प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा तथा विकास की दिशा में हुए बदलाव को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की ओर से ‘नक्सल मुक्त भारत’ विषय पर विशेष प्रस्तुति भी आयोजित की गई, जिसमें 126 जिलों के करीब 2,000 कलाकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम में देश की सांस्कृतिक विविधता और एकता को दर्शाने वाली झांकियां तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल रहीं। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की शपथ भी दिलाई।





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