गुजरात की एक अदालत ने पिछले साल 30 अक्टूबर को मोरबी में पुल गिरने के मामले में ओरेवा समूह के मालिक जयसुख पटेल की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है। बता दें कि हादसे में 134 लोग मारे गए थे। अजंता मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड ने मोरबी में मच्छू नदी पर ब्रिटिश काल के पुल के नवीनीकरण, मरम्मत और संचालन का ठेका हासिल किया था। पुलिस ने करीब एक सप्ताह पहले गिरफ्तारी वारंट की मांग करते हुए अदालत में अर्जी दी थी। मामले में कंपनी के चार कर्मचारी समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया था, इनमें दो प्रबंधक एवं दो टिकट बुकिंग क्लर्क शामिल हैं।राज्य सरकार ने हादसे की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया था जिसने पुल की मरम्मत, देखरेख व संचालन में गड़बड़ी संबंधी जांच की थी।
जांच में पाया कि बुकिंग काउंटर से लगातार टिकट बेचे जा रहे थे जबकि पुल पर पहले से क्षमता से अधिक लोग मौजूद थे। इस कारण पुल के टूट जाने से यह हादसा हुआ था। पुल की मरम्मत व देखरेख का जिम्मा मोरबी नगरपालिका ने ओरेवा समूह की कंपनी को सौंपा था। आपको बता दें कि जयसुख पटेल ने मामले में अग्रिम जमानत के लिए 20 जनवरी को मोरबी सत्र अदालत का रुख किया था, जबकि सुनवाई 1 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई थी क्योंकि सरकारी वकील उपस्थित नहीं थे। मामले में पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में पटेल का नाम आरोपी के रूप में नहीं है।



