Delhi Water Crisis : जल संकट पर घोषणाएं बहुत, जमीन पर काम शून्य : हाजी जरीफ
नई दिल्ली, (रविंद्र कुमार) : दिल्ली में लगातार गहराते जल संकट और गिरते भूजल स्तर को लेकर कबीर नगर वार्ड के निगम पार्षद एवं दिल्ली कांग्रेस महासचिव हाजी जरीफ ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों को वर्षा जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के नाम पर बार-बार बड़ी-बड़ी घोषणाएं सुनाई जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका प्रभाव दिखाई नहीं देता। हाजी जरीफ ने कहा कि मास्टर प्लान-2047 में वर्षा जल संरक्षण और भूजल स्तर सुधारने की बातें स्वागत योग्य हैं, लेकिन केवल योजना बनाने से दिल्ली का जल संकट दूर नहीं होगा। सरकार को यह बताना चाहिए कि इन योजनाओं को कब और किस स्तर पर लागू किया जाएगा तथा अब तक इसके लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में मानसून के दौरान लाखों लीटर बारिश का पानी नालों और सड़कों से बहकर निकल जाता है और गर्मियों में वही दिल्ली पानी की किल्लत से जूझती है। यह स्थिति बताती है कि वर्षा जल संचयन और भूजल रिचार्ज की व्यवस्था को लेकर वर्षों से गंभीर लापरवाही बरती गई है। हाजी जरीफ ने कहा कि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार ने भी दिल्ली के जल संकट को लेकर कई दावे और घोषणाएं कीं, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया।अब ट्रिपल इंजन सरकार भी घोषणाओं और योजनाओं की बात कर रही है, लेकिन जनता को धरातल पर परिणाम चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने से समस्या अपने आप खत्म नहीं होती, जब तक नीतियों को ईमानदारी और प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया जाता। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली के कितने इलाकों में वास्तविक रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं?
कितने पुराने तालाबों और जलाशयों का पुनर्जीवन हुआ है? कितने नए भूजल रिचार्ज पिट बनाए गए हैं? सरकार को इन सवालों के स्पष्ट आंकड़े जनता के सामने रखने चाहिए। हाजी जरीफ ने कहा कि कबीर नगर और आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी पानी की समस्या को लेकर लोगों को कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे क्षेत्रों के लिए स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण, लीकेज रोकने, वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण की विशेष कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जल संकट जैसे गंभीर जनहित के मुद्दे पर सरकार को लगातार जवाबदेह बनाने का काम करेगी। दिल्ली के लोगों को भाषण और घोषणाएं नहीं, बल्कि पाइपलाइन में पानी, नियमित जलापूर्ति और भविष्य के लिए सुरक्षित जल संसाधन चाहिए। हाजी जरीफ ने कहा कि दिल्ली का जल संकट किसी एक सरकार की देन नहीं है। पिछली सरकारों की विफलताओं से सबक लेते हुए वर्तमान ट्रिपल इंजन सरकार को अब केवल घोषणाओं से आगे बढ़कर समयबद्ध तरीके से काम करना होगा। यदि अभी भी ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में पानी की समस्या और गंभीर हो सकती है।



