Inflation Crisis सरकार की दिशाहीन नीतियो ने त्योहार किए फीके चीनी, प्याज, तेल, आटा के दाम आसमान पर : आदेश भारद्वाज
नई दिल्ली ( स्पर्श भारद्वाज ) : देशभर में महंगाई आम आदमी की कमर तोड़ रही है। जुलाई 2026 में खुदरा मुद्रास्फीति 4.45 प्रतिशत और खाद्य मुद्रास्फीति 5.52 प्रतिशत पहुंच गई। कांग्रेस का आरोप है कि यह सिर्फ मौसमी उतार-चढ़ाव नहीं, बल्कि मोदी सरकार की गलत नीतियों, खासकर E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग का नतीजा है। करावल नगर जिला कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष आदेश भारद्वाज ने भी महंगाई पर सरकार को घेरते हुए कहा कि जो चीनी तीन सप्ताह पहले 40 से 42 रुपए किलो थी वह आज 70 रुपए किलो मिल रही है। और यह सब गन्ने को इथेनॉल बनाने में डायवर्ट करने से व उत्पादन घटने से हुआ है। आज चीनी स्टॉक नौ साल के निचले स्तर पर पहुंच गया और अब आयात की नौबत आ गई है। इथेनॉल बनाने में गन्ने के साथ साथ मक्का के प्रयोग से मुर्गियों का फीड महंगा हो गया जिसका असर ऐसा पड़ा कि अंडे भी महंगे हो गए। नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) के अनुसार फीड महंगी होने से पिछले एक साल में अंडे की कीमतें 35-40 प्रतिशत बढ़ गईं हैं। संसद में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक “कुल मक्का उत्पादन का करीब 37 प्रतिशत हिस्सा अब इथेनॉल बनाने में जा रहा है।” जिससे पोल्ट्री फीड महंगा हुआ और अंडा महंगा हुआ। आदेश ने आगे कहा कि प्याज की कीमतें भी साल भर में 50-59 प्रतिशत उछल गईं। कई शहरों में 50-60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गईं। हालांकि प्याज का इथेनॉल से कोई संबंध नहीं है। इसकी महंगाई मुख्य रूप से मौसमी कमी, मौसम की मार और त्योहारी मांग की वजह से हुई है। फिर भी आम परिवार के बजट पर इसका भारी असर पड़ा है। आदेश ने आरोप लगाया कि E-20 नीति रसोई और सड़क दोनों तरफ से जनता को लूट रही है। हमारी कांग्रेस पार्टी ने इस नीति की तुरंत समीक्षा और इथेनॉल-रहित पेट्रोल विकल्प उपलब्ध कराने की मांग की है। जबकि इन सबसे इतर आटा, चावल, तेल, मसाले सब महंगे हुए हैं। आम आदमी का बजट बिगड़ चुका है और वह इसे भूलने वाला नहीं। 12 साल की भाजपा सरकार के बाद भी “अच्छे दिन” का वादा सिर्फ नारे तक सीमित रह गया। लोगों ने कहना शुरू कर दिया है लोटा दो हमारे कांग्रेस वाले पुराने दिन त्योहारों के मौसम में रसोई का बजट बिगड़ दीया है जिससे लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ना स्वाभाविक है।



