Badaun Violence: बदायूं में आंबेडकर प्रतिमा लगाने को लेकर बवाल, पुलिस पर पथराव में कई वाहन क्षतिग्रस्त; 12 से अधिक घायल
बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर मंगलवार को बड़ा बवाल हो गया। फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव राजा की सीकरी में ग्राम समाज की खलिहान की भूमि पर बिना अनुमति आंबेडकर प्रतिमा स्थापित करने और बाद में प्रतिमा को गिराकर क्षतिग्रस्त किए जाने के आरोप के बीच सुबह से शुरू हुआ विवाद शाम तक हिंसक हो गया। सरकारी भूमि पर प्रतिमा स्थापित करने की मांग पर अड़े ग्रामीणों और पुलिस-प्रशासन के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि भीड़ की ओर से अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, गांव राजा की सीकरी में ग्राम समाज की खलिहान की भूमि पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर बिना अनुमति प्रतिमा लगाई गई थी। दूसरी ओर प्रतिमा को गिराकर क्षतिग्रस्त किए जाने के आरोप के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। मंगलवार सुबह से ही गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जिसके चलते पुलिस बल को तैनात कर दिया गया था।
दिनभर चले घटनाक्रम के बाद शाम को स्थिति अचानक बिगड़ गई। सरकारी भूमि पर ही प्रतिमा स्थापित करने की मांग पर अड़े लोगों की भीड़ उग्र हो गई और पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव शुरू हो गया। बताया गया कि करीब आधे घंटे तक लगातार पथराव होता रहा। अचानक हुए हमले के कारण मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को खुद को बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।
पथराव के दौरान पुलिस और प्रशासन के कई वाहनों को निशाना बनाया गया। एसडीएम और सीओ की गाड़ियों समेत करीब एक दर्जन वाहनों के क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है। इसके अलावा पीएसी के एक ट्रक, फायर ब्रिगेड की गाड़ी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के वाहन को भी नुकसान पहुंचा।
वजीरगंज, बिसौली, उघैती, फैजगंज बेहटा और बिल्सी थानों के इंस्पेक्टरों की गाड़ियों के शीशे भी पथराव में क्षतिग्रस्त हो गए। इतना ही नहीं, मौके पर मौजूद दो निजी एंबुलेंस के शीशे भी टूट गए। अचानक हुए भारी पथराव से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
घटना में पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों के साथ कई अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। आसफपुर के अधिवक्ता प्रदीप कुमार भी पथराव की चपेट में आ गए। उनके सिर पर पत्थर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके सिर में छह टांके लगाए जाने की जानकारी है।
बवाल के दौरान एसडीएम के पैर पर भी पत्थर लगा, जबकि उनके अर्दली के हाथ में चोट आई। इसके अलावा करीब आधा दर्जन महिला पुलिसकर्मियों सहित कई अन्य पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई है। मौके पर तैनात पुलिसकर्मी हेलमेट और दंगा नियंत्रण के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली सुरक्षा जैकेट पहने हुए थे, जिससे कई पुलिसकर्मी गंभीर चोटों से बच गए।
हालात बेकाबू होते देख पुलिस फोर्स ने कार्रवाई करते हुए पथराव कर रही भीड़ को मौके से खदेड़ा। इसके बाद पुलिस ने विवादित आंबेडकर प्रतिमा को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र से करीब 12 लोगों को हिरासत में भी लिया है। हिंसा और पथराव में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की कार्रवाई की जा रही है।
बवाल की सूचना मिलने के बाद बदायूं के जिलाधिकारी अवनीश राय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। गांव और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि दोबारा किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
एसएसपी अंकिता शर्मा के मुताबिक, ग्राम समाज की भूमि पर आंबेडकर प्रतिमा लगाए जाने की सूचना मिलने के बाद मंगलवार सुबह से ही मौके पर पुलिस बल तैनात था। उन्होंने बताया कि शाम करीब साढ़े सात बजे कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस के कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए और कुछ कर्मचारी भी घायल हुए हैं।
पुलिस अब पथराव और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। घटनास्थल के आसपास उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों को चिह्नित किया जा सकता है। हिरासत में लिए गए लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
फिलहाल राजा की सीकरी गांव में स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस बल तैनात है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। आंबेडकर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर शुरू हुआ विवाद किस तरह हिंसक पथराव में बदल गया और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



