सुप्रीम कोर्ट का फैसला पैदल यात्रियों के अधिकारों की जीत, लोनी रोड हो अतिक्रमण मुक्त : देवेंद्र शर्मा
नई दिल्ली( रविंद्र कुमार ) : सुप्रीम कोर्ट द्वारा देशभर में पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित, स्पष्ट और अतिक्रमण-मुक्त फुटपाथ एवं पैदल मार्ग सुनिश्चित करने के निर्देश का राजधानी दिल्ली में व्यापक स्वागत किया जा रहा है। प्रसिद्ध समाजसेवी एवं शाहदरा-लोनी रोड निवासी देवेंद्र शर्मा ने सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले को आम नागरिकों के हित में ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय बताते हुए कहा कि अब दिल्ली नगर निगम, लोक निर्माण विभाग , दिल्ली विकास प्राधिकरण दिल्ली पुलिस तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को बिना किसी देरी के सख्ती के साथ अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का ईमानदारी से पालन किया गया तो लाखों लोगों को सुरक्षित आवागमन का अधिकार मिलेगा और सड़क दुर्घटनाओं में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। देवेंद्र शर्मा ने कहा कि सड़कें केवल वाहनों के लिए नहीं, बल्कि पैदल चलने वाले नागरिकों के लिए भी समान रूप से हैं। दुर्भाग्य से राजधानी के अधिकांश बाजारों और मुख्य मार्गों पर फुटपाथों पर अवैध कब्जे होने के कारण लोग अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क के बीचों-बीच चलने को मजबूर हैं। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और स्कूली बच्चों को उठानी पड़ती है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश आम जनता को राहत देने वाला और प्रशासन की जवाबदेही तय करने वाला महत्वपूर्ण फैसला है। उन्होंने विशेष रूप से शाहदरा की लाइफलाइन कही जाने वाली लोनी रोड का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मार्ग वर्षों से भीषण अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। सड़क किनारे बड़ी संख्या में दुकानदारों ने फुटपाथों पर सामान रखकर स्थायी और अस्थायी कब्जा कर लिया है। कई स्थानों पर फुटपाथ पूरी तरह गायब हो चुके हैं, जिसके कारण पैदल यात्रियों के लिए चलने तक की जगह नहीं बची है। मजबूरन लोगों को तेज रफ्तार वाहनों के बीच सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। देवेंद्र शर्मा ने कहा कि समय-समय पर संबंधित विभाग अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तो करते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में दोबारा कब्जे हो जाते हैं। इससे स्पष्ट है कि अभियान केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं। अब आवश्यकता है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप स्थायी और प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए तथा अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि दोबारा सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा न हो सके। उन्होंने मांग की कि शाहदरा-लोनी रोड सहित दिल्ली के सभी प्रमुख बाजारों, व्यस्त सड़कों और सार्वजनिक मार्गों पर विशेष अभियान चलाकर फुटपाथों को तत्काल अतिक्रमण-मुक्त कराया जाए। साथ ही नियमित निगरानी, सख्त प्रवर्तन और जवाबदेही तय कर पैदल यात्रियों के अधिकारों की रक्षा की जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों को पूरी गंभीरता से लागू किया गया तो दिल्ली की यातायात व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी और आम नागरिकों को सुरक्षित, सुगम एवं सम्मानजनक आवागमन का अधिकार वास्तविक रूप से प्राप्त होगा।



