Yamuna River Safari: यमुना क्रूज सफारी से दिल्ली-एनसीआर में पर्यटन को मिलेगा नया आयाम : डॉ. यूके चौधरी
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार)। दिल्ली की जीवनरेखा कही जाने वाली यमुना नदी के किनारे पर्यटन की नई संभावनाओं को साकार करने की दिशा में दिल्ली सरकार की नमो यमुना रिवर सफारी पहल का भाजपा उत्तर पूर्वी जिला अध्यक्ष डॉ. यूके चौधरी ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे राजधानी में पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यमुना में क्रूज सेवा शुरू होने से दिल्लीवासियों को मनोरंजन और परिवार के साथ समय बिताने का एक नया विकल्प मिलेगा। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर के अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में लोग यमुना तट पर घूमने और क्रूज की सवारी का आनंद लेने पहुंच सकते हैं। इससे आने वाले समय में यह क्षेत्र एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
डॉ. यूके चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार राजधानी में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करने और नए आकर्षण विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। यमुना पर क्रूज सेवा शुरू करना इसी सोच का परिणाम है। उनके अनुसार, इस पहल से न केवल दिल्ली की पर्यटन पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यदि यमुना तट पर योजनाबद्ध तरीके से पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाता है तो यह स्थान दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और एनसीआर के लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
डॉ. चौधरी ने बताया कि दिल्ली सरकार की ओर से शुरू की जा रही नमो यमुना रिवर सफारी के तहत सोनिया विहार से जगतपुर स्थित शनि मंदिर तक लगभग पांच से छह किलोमीटर के जलमार्ग पर क्रूज संचालित किया जाएगा। इस यात्रा को पूरा करने में करीब 35 से 45 मिनट का समय लगेगा। क्रूज में एक बार में लगभग 30 से 40 यात्रियों के सफर करने की व्यवस्था होगी। पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा के अनुसार, एक सप्ताह का ट्रायल पूरा होने के बाद बुधवार, 4 नवंबर से आम नागरिकों के लिए इस सेवा की शुरुआत की जा रही है।
उन्होंने बताया कि क्रूज सेवा के लिए प्रति व्यक्ति लगभग 500 रुपये किराया प्रस्तावित किया गया है, जबकि परिसर में प्रवेश के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की व्यवस्था भी रखी गई है। क्रूज में वातानुकूलित सुविधा, लाइफ जैकेट, अनाउंसमेंट सिस्टम और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बायो टॉयलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा प्रतिदिन कम से कम चार ट्रिप संचालित करने की योजना है। डॉ. चौधरी ने कहा कि इन सुविधाओं के माध्यम से पर्यटकों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव देने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. यूके चौधरी ने कहा कि यमुना तट को केवल क्रूज यात्रा तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे एक संपूर्ण पर्यटन और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए फूड पार्क, रेस्टोरेंट, बच्चों के खेलने के क्षेत्र, म्यूजिकल फाउंटेन और अन्य मनोरंजन सुविधाएं विकसित करने की योजना सराहनीय है। इन सुविधाओं के विकसित होने से परिवारों को एक ही स्थान पर घूमने-फिरने, खानपान और मनोरंजन के अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होने से यमुना तट पर लोगों की आवाजाही बढ़ेगी और स्थानीय कारोबार को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
उन्होंने इस परियोजना को रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बताया। डॉ. चौधरी के अनुसार, क्रूज सफारी और उससे जुड़ी पर्यटन सुविधाओं से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, परिवहन सेवाओं और पर्यटन से जुड़े कारोबार को भी लाभ मिल सकता है। यमुना के आसपास आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से उत्तर पूर्वी दिल्ली के विकास को नई गति मिलने की संभावना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नमो यमुना रिवर सफारी आने वाले समय में दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए मनोरंजन और पर्यटन का एक नया केंद्र बनेगी।





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