दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने करवा चौथ के अवसर पर 51 नवविवाहित महिलाओं को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देकर उनके पहले करवा चौथ को खास बना दिया। बुधवार, 28 अक्टूबर को मुख्यमंत्री जनसेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को आर्थिक सहायता के चेक के साथ करवा चौथ किट भी प्रदान की गई। इन महिलाओं का विवाह इसी साल मार्च में लाडली फाउंडेशन की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में हुआ था। विवाह के बाद अपना पहला करवा चौथ मना रही इन महिलाओं के लिए यह कार्यक्रम आर्थिक सहयोग और खुशियां लेकर आया। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से बातचीत की, उनके वैवाहिक जीवन और परिवार का हालचाल जाना तथा उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी नवविवाहित महिलाओं को सुखी और समृद्ध वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की हर बेटी उनके लिए परिवार का हिस्सा है और वह एक बड़ी बहन की तरह उनके साथ खड़ी हैं। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि जीवन में किसी भी तरह की परेशानी या कठिन परिस्थिति आने पर उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। वे अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखें, ताकि उनकी बात सुनी जा सके। उन्होंने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, अपनी अलग पहचान बनाने और जीवन में अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रत्येक महिला को ऐसा माहौल मिलना चाहिए, जहां वह सुरक्षित महसूस करे और अपने फैसले लेने में सक्षम हो। उन्होंने नवविवाहित महिलाओं से उनके परिवार, जीवन और विवाह के बाद के अनुभवों के बारे में भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने उनके स्वास्थ्य और पारिवारिक परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली तथा जरूरत पड़ने पर सहयोग का भरोसा दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना ही नहीं, बल्कि नवविवाहित महिलाओं को भावनात्मक संबल प्रदान करना और उन्हें यह महसूस कराना भी था कि कठिन परिस्थितियों में वे अकेली नहीं हैं।
इन 51 महिलाओं का विवाह मार्च 2026 में लाडली फाउंडेशन की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हुआ था। सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों के माध्यम से आर्थिक रूप से जरूरतमंद परिवारों को विवाह संबंधी खर्चों का बोझ कम करने में सहायता मिलती है। इस पहल के तहत विवाह के कई महीने बाद करवा चौथ के अवसर पर महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रत्येक महिला को एक लाख रुपये दिए जाने के हिसाब से कुल 51 लाख रुपये की आर्थिक सहायता वितरित की गई। इसके अतिरिक्त, महिलाओं को करवा चौथ किट भी दी गई, जिससे त्योहार के अवसर पर उनके लिए यह कार्यक्रम और यादगार बन गया।
लाडली फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विवाह के समय बेटियों और उनके परिवारों की मदद करना तथा जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों पर उनके साथ खड़े रहना एक संवेदनशील प्रयास है। ऐसे कार्यक्रमों से महिलाओं और उनके परिवारों को आर्थिक सहयोग मिलने के साथ-साथ समाज में सम्मान, सहयोग और अपनेपन की भावना भी मजबूत होती है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को प्रोत्साहित किया कि वे अपनी क्षमताओं को पहचानें, शिक्षा और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाएं तथा परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी व्यक्तिगत आकांक्षाओं को भी महत्व दें।
करवा चौथ का त्योहार विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। विवाह के बाद पहला करवा चौथ कई परिवारों में खास तरीके से मनाया जाता है। ऐसे अवसर पर आर्थिक सहायता और उपहार मिलने से नवविवाहित महिलाओं के लिए त्योहार की खुशियां बढ़ गईं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं के सुखी जीवन की कामना की और उन्हें विश्वास दिलाया कि उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुना जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि महिलाओं को अपने जीवन से जुड़े फैसले लेने और अपनी पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है।
दिल्ली सरकार की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में आर्थिक सहयोग के साथ महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश भी दिया गया। हालांकि, यह सहायता इसी सामूहिक विवाह समारोह में शामिल 51 महिलाओं को प्रदान की गई है। इसे सभी नवविवाहित महिलाओं के लिए लागू किसी सामान्य सरकारी योजना या हर महिला को मिलने वाली नियमित सहायता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इस कार्यक्रम ने जरूरतमंद परिवारों को सहयोग देने और त्योहार के अवसर पर नवविवाहित महिलाओं को प्रोत्साहित करने की पहल को सामने रखा है।





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