Ghazipur Landfill Fire: गाजीपुर लैंडफिल में भीषण आग से पूर्वी दिल्ली बेहाल, जहरीले धुएं ने बढ़ाई सांस की परेशानी
दिल्ली के पूर्वी हिस्से में स्थित गाजीपुर लैंडफिल साइट एक बार फिर लोगों के लिए गंभीर संकट बन गई है। कूड़े के पहाड़ में अचानक लगी आग ने पूरे इलाके को घने काले धुएं की चपेट में ले लिया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। आग के बाद उठता जहरीला धुआं आसपास की रिहायशी कॉलोनियों, मुख्य सड़कों और खुले इलाकों तक फैल गया। हालात ऐसे हो गए कि सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो गई और सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने के कुछ ही समय बाद पूरे इलाके में तेज बदबू और धुएं की मोटी परत छा गई। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई और कई लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस फूलने की शिकायत होने लगी। घरों के अंदर तक धुआं भर जाने से खिड़की-दरवाजे बंद करने पड़े, लेकिन इसके बावजूद राहत नहीं मिली।
इलाके में रहने वाले बुजुर्गों, बच्चों और पहले से सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों की हालत ज्यादा खराब बताई जा रही है। लोगों का आरोप है कि गाजीपुर लैंडफिल में आग लगने की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन हर बार प्रशासन की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जाता। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कूड़े के पहाड़ से निकलने वाला धुआं लंबे समय से स्वास्थ्य के लिए खतरा बना हुआ है और इस तरह की घटनाएं डर और गुस्से दोनों को बढ़ा रही हैं।
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई। हालांकि कूड़े के ढेर में आग बुझाना आसान नहीं होता, क्योंकि अंदर तक सुलगती आग बार-बार भड़क उठती है। प्रशासन की ओर से लोगों को एहतियात बरतने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। गाजीपुर लैंडफिल की यह आग एक बार फिर राजधानी में कचरा प्रबंधन और पर्यावरण सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।



