Delhi Heritage Corridor: दिल्ली के ऐतिहासिक कॉरिडोर का विकास राजधानी को देगा नई पहचान : श्रीदत्त शर्मा
दिल्ली के ऐतिहासिक और व्यस्त मार्गों में शामिल दिल्ली गेट से कश्मीरी गेट तक नेताजी सुभाष मार्ग को आधुनिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार की योजना का भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं घोंडा के पूर्व विधायक श्रीदत्त शर्मा ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजधानी में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के साथ-साथ दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और आधुनिक शहरी सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इससे स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने वाले लाखों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
श्रीदत्त शर्मा ने कहा कि दिल्ली गेट से कश्मीरी गेट तक का मार्ग राजधानी के प्रमुख और व्यस्त रास्तों में शामिल है। इस मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है, जिसके कारण लोगों को अक्सर जाम और यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इस पूरे मार्ग को सुनियोजित तरीके से विकसित करने की योजना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण, बेहतर फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, बस लेन, पार्किंग की उचित व्यवस्था और आधुनिक यातायात प्रबंधन जैसी सुविधाओं से लोगों को आवागमन में राहत मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार राजधानी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान को भी नया स्वरूप देने की दिशा में काम कर रही है। नेताजी सुभाष मार्ग का विकास केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और आधुनिक शहरी सुविधाओं को एक साथ जोड़ने वाली परियोजना है। इस तरह के विकास से राजधानी के पुराने और ऐतिहासिक क्षेत्रों को बेहतर सुविधाओं के साथ विकसित करने का अवसर मिलेगा।
श्रीदत्त शर्मा ने कहा कि इस कॉरिडोर के माध्यम से लाल किला, जामा मस्जिद, कश्मीरी गेट, चांदनी चौक और आसपास के अन्य ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर तरीके से जोड़ने का प्रस्ताव है। इससे देश-विदेश से दिल्ली आने वाले पर्यटकों को ऐतिहासिक धरोहरों तक पहुंचने में सुविधा होगी। पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से इन क्षेत्रों के स्थानीय व्यापार और कारोबार को भी नई गति मिल सकती है। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध कराना दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करने में सहायक होगा।
उन्होंने परियोजना में हरित क्षेत्रों, पार्कों, आकर्षक स्ट्रीट लाइट, बैठने की व्यवस्था और पैदल यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं को शामिल किए जाने को भी सकारात्मक पहल बताया। उनके अनुसार, इन सुविधाओं से कॉरिडोर का स्वरूप अधिक व्यवस्थित और नागरिकों के अनुकूल बनेगा। साथ ही साइकिल ट्रैक और पैदल यात्रियों के लिए सुविधाओं के विकास से पर्यावरण अनुकूल परिवहन को प्रोत्साहन मिलेगा। श्रीदत्त शर्मा ने कहा कि ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय से विकसित होने वाला यह कॉरिडोर दिल्ली की पहचान को नया आयाम दे सकता है।





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