Ram Mandir Ayodhya: राम मंदिर ट्रस्ट ने पांच वर्षों में चुकाया 400 करोड़ रुपये कर, मंदिर निर्माण कार्य 96% पूरा
अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने रविवार को बताया कि ट्रस्ट ने धार्मिक पर्यटन में उछाल के बीच पिछले पांच वर्षों में सरकार को लगभग 400 करोड़ रुपये का कर चुकाया है। यह राशि पांच फरवरी 2020 से पांच फरवरी 2025 के बीच अदा की गई है। इसमें से 270 करोड़ रुपये माल और सेवा कर (जीएसटी) के रूप में भुगतान किए गए, जबकि शेष 130 करोड़ रुपये अन्य विभिन्न कर श्रेणियों में चुकाए गए।
चंपत राय ने कहा कि अयोध्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में 10 गुना वृद्धि हुई है, जिससे यह प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र बन गया है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं। महाकुंभ के दौरान 1.26 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या आए थे। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड का नियमित रूप से नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा ऑडिट किया जाता है।
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक मणिरामदास छावनी में संपन्न हुई, जिसमें सात सदस्य मौजूद रहे और चार विशेष आमंत्रित सदस्य भी शामिल हुए। बैठक में ट्रस्ट के खातों से जुड़े विभिन्न आंकड़े पेश किए गए। जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट के अकाउंट से अब तक सरकार की विभिन्न एजेंसियों को 396 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जिसमें अकेले जीएसटी के रूप में 272 करोड़ रुपये दिए गए।
अयोध्या विकास प्राधिकरण को जन्मभूमि के नक्शे के लिए 5 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि जमीन रजिस्ट्रेशन फीस और राजस्व कर के रूप में 29 करोड़ रुपये चुकाए गए। इसके अलावा, 10 करोड़ रुपये का बिजली बिल भी अदा किया गया है। ट्रस्ट ने पिछले पांच वर्षों में कुल 2150 करोड़ रुपये का खर्च किया है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को ट्रस्ट द्वारा 200 करोड़ रुपये का कार्य सौंपा गया है।
बैठक में मंदिर निर्माण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। जानकारी दी गई कि रामलला का मंदिर जून 2025 तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा। परकोटा निर्माण कार्य अक्टूबर तक चलेगा, जबकि शबरी निषाद और ऋषियों के सप्त मंदिर मई 2025 तक बनकर तैयार हो जाएंगे। शेषा अवतार मंदिर का निर्माण अगस्त 2025 तक पूरा होगा। राम मंदिर निर्माण कार्य अब तक 96 प्रतिशत पूरा हो चुका है और 30 अप्रैल तक सभी मंदिरों की मूर्तियों को उनके निर्धारित स्थान पर स्थापित कर दिया जाएगा।
राम मंदिर में यात्रियों की सुविधा के लिए गेस्ट हाउस भी बनाया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु नाममात्र शुल्क देकर ठहर सकेंगे। मंदिर निर्माण कार्य के लिए लार्सन एंड टुब्रो को 1200 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। बैठक में यह भी बताया गया कि आचार्य सत्येंद्र दास के बाद अब राम मंदिर में कोई मुख्य पुजारी नहीं होगा।



