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यूट्यूब पर फेक न्यूज फैला रहे वीडियो चैनल, सरकार ने इन तीन पर रोक लगाने को कहा

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सरकार ने बुधवार को यूट्यूब से विभिन्न लोक कल्याणकारी पहलों के बारे में झूठे व सनसनीखेज दावे करने तथा फर्जी खबरें फैलाने के लिए तीन चैनलों पर रोक लगाने के लिए कहा है। पत्र सूचना कार्यालय की ‘फैक्ट चेक यूनिट’ ने मंगलवार को तीन चैनलों को फर्जी खबरें फैलाने वाला घोषित किया था। एक आधिकारिक सूत्र ने बुधवार को कहा, ‘सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यूट्यूब को तीन चैनलों ‘आज तक लाइव’, ‘न्यूज हेडलाइंस’ और ‘सरकारी अपडेट्स’ को हटाने का निर्देश दिया है।’ सरकार ने स्पष्ट किया है कि आज तक लाइव ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ से जुड़ा हुआ नहीं है। एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को कहा गया था कि ये चैनल दर्शकों को गुमराह करने के लिए टीवी समाचार चैनलों और उनके प्रस्तोताओं की तस्वीरों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि यह यकीन दिलाया जाए कि उनके द्वारा साझा की गयी खबरें प्रामाणिक हैं। उसने कहा था, ‘ये चैनल अपने वीडियो में विज्ञापन दिखाते और यूट्यूब पर भ्रामक सूचनाओं से वित्तीय लाभ हासिल करते भी पाए गए।’ फैक्ट चेक इकाई ने कहा कि यूट्यूब पर ये तीन चैनल भारत के उच्चतम न्यायालय, भारत के प्रधान न्यायाधीश, सरकारी योजनाओं, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और कृषि ऋणों को माफ करने आदि के बारे में झूठी और सनसनीखेज खबरें फैलाते हैं। उन्होंने यह भी दावे किए कि सरकार उन लोगों को पैसे दे रही है जिन्होंने बैंक खाते खुलवाए, आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाए हैं। इन यूट्यूब चैनलों के लगभग 33 लाख सब्सक्राइबर हैं और इनके वीडियो को 30 करोड़ से अधिक बार देखा गया है।

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