सत्य के साथ • आपके साथबुधवार, 4 नवंबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
India Alliance Rally: रामलीला मैदान की ऐतिहासिक रैली ने दिया बदलाव का संदेश, जनता की आवाज बनकर उभरा इंडिया गठबंधन : हाजी जरीफChhath Puja Preparations: यमुनापार में छठ पूजा को लेकर रेखा सरकार कर रही है विशेष तैयारियां : विनोद जायसDelhi Heritage Corridor: दिल्ली के ऐतिहासिक कॉरिडोर का विकास राजधानी को देगा नई पहचान : श्रीदत्त शर्माDelhi Cyber Crime: दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के चार बड़े नेटवर्क का किया भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार, 1.59 करोड़ की धोखाधड़ी से जुड़ी 125 शिकायतें सामने आईंFake ₹20 Coins: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने नकली 20 रुपये के सिक्के बनाने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तारPappu Yadav Complaint: भगवान कृष्ण पर टिप्पणी को लेकर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ थाने पहुंचे सांसद पप्पू यादव, गैर-जमानती धाराओं में FIR की मांगDelhi Air Pollution: दिल्ली के प्रदूषण पर BJP और AAP में टकराव, मनजिंदर सिरसा ने पंजाब सरकार पर लगाए पराली जलवाने के आरोप, सौरभ भारद्वाज का पलटवारAnticipatory Bail: यौन उत्पीड़न मामले में कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम को राहत, दिल्ली कोर्ट ने 5 नवंबर तक गिरफ्तारी पर लगाई रोक

सरकार ने 10 यूट्यूब चैनलों के 45 वीडियो ब्लॉक किए

2 मिनट पढ़ें

खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने यूट्यूब को 10 यूट्यूब चैनलों के 45 वीडियो को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है। 23 सितंबर को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम 2021 के प्रावधानों के तहत संबंधित वीडियो को ब्लॉक करने के आदेश जारी किए गए थे। अवरुद्ध वीडियो की कुल दर्शकों की संख्या 1 करोड़ 30 लाख से अधिक थी। कंटेंट में धार्मिक समुदायों के बीच नफरत फैलाने के इरादे से फैलाई गई फर्जी खबरें और मॉफ्र्ड वीडियो शामिल थे। उदाहरणों में झूठे दावे जैसे कि सरकार ने कुछ समुदायों के धार्मिक अधिकारों को छीन लिया है, धार्मिक समुदायों के खिलाफ हिंसक धमकी, भारत में गृह युद्ध की घोषणा आदि शामिल हैं। इस तरह के वीडियो में सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने और देश में सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने की क्षमता पाई गई। अधिकारियों ने कहा कि मंत्रालय द्वारा अवरुद्ध किए गए कुछ वीडियो का इस्तेमाल अग्निपथ योजना, भारतीय सशस्त्र बलों, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र, कश्मीर आदि से संबंधित मुद्दों पर दुष्प्रचार फैलाने के लिए किया जा रहा था। कुछ वीडियो में भारतीय क्षेत्र के बाहर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों के साथ भारत की गलत बाहरी सीमा को दर्शाया गया है। इस तरह के काटरेग्राफिक गलत बयानी को भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए हानिकारक पाया गया। मंत्रालय द्वारा अवरुद्ध कंटेंट को भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों और देश में सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक पाया गया। मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि तदनुसार, कंटेंट को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के दायरे में शामिल किया गया था।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *