सत्य के साथ • आपके साथशनिवार, 7 नवंबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
Food Adulteration: मिलावटखोरों पर कार्रवाई से त्योहारों में जनता को मिलेगा शुद्ध खाद्य पदार्थों का भरोसा : विनीत जैनSolar Energy: दिल्ली की हर छत को सौर ऊर्जा से जोड़ने की पहल सराहनीय : राजकुमार बल्लनDelhi Laxmi Yojana: इस बार भी दीपावली पर महिलाओं के खातों में नहीं आए पैसे, मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर भी नहीं मिला : नीलम चौधरीMumbai Building Fire: घाटकोपर की 25 मंजिला इमारत की 23वीं मंजिल पर लगी आग, एक व्यक्ति के झुलसने की खबरVaibhav Sooryavanshi Bihar Captain: वैभव सूर्यवंशी को मिली बिहार की कप्तानी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के शुरुआती दो मैचों में संभालेंगे कमानDhanteras Gold Silver Sales: धनतेरस पर 66 हजार करोड़ रुपये की बिक्री का अनुमान, महंगे सोने के बीच हल्के गहनों और सिक्कों की बढ़ी मांगBahraich Smack Seizure: भारत-नेपाल सीमा पर 41 ग्राम स्मैक के साथ आरोपी गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में 15 लाख रुपये बताई गई कीमतCBSE Date Sheet 2027: सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट जारी, 16 फरवरी से शुरू होंगे एग्जाम

Delhi Business Bill 2026: सिर्फ पोर्टल और घोषणाओं से नहीं बदलेगा दिल्ली का कारोबारी माहौल : अजय अरोड़ा

2 मिनट पढ़ें

Delhi Business Bill 2026: सिर्फ पोर्टल और घोषणाओं से नहीं बदलेगा दिल्ली का कारोबारी माहौल : अजय अरोड़ा

नई दिल्ली, ( रविंद्र कुमार ) : दिल्ली सरकार की ओर से कारोबार को आसान बनाने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026 को मंजूरी दिए जाने के बीच व्यापारिक संगठनों की ओर से इसके जमीनी क्रियान्वयन को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। दिल्ली स्टेट ट्रेडर्स कांग्रेस के चेयरमैन अजय अरोड़ा ने कहा कि कारोबारियों को नई घोषणाओं से ज्यादा जरूरत उन समस्याओं के समाधान की है, जिनसे वे रोज बाजारों और व्यापारिक क्षेत्रों में जूझ रहे हैं। अजय अरोड़ा ने कहा कि ट्रिपल इंजन सरकार की ओर से लगातार योजनाओं और व्यवस्थाओं की घोषणा की जा रही है, लेकिन धरातल पर कारोबारियों को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम सुनने में अच्छा और सुविधाजनक लगता है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या वास्तव में कारोबारी को आवेदन करने के बाद किसी अधिकारी या विभाग के चक्कर लगाने पड़ेंगे या नहीं उन्होंने कहा कि दिल्ली के व्यापारियों की समस्याएं केवल लाइसेंस, एनओसी और पंजीकरण तक सीमित नहीं हैं। बाजारों में पार्किंग की समस्या, अतिक्रमण, विभिन्न विभागों की कार्रवाई, निरीक्षण व्यवस्था, स्थानीय निकायों से जुड़े विवाद और व्यापारिक गतिविधियों को लेकर उत्पन्न होने वाली परेशानियां आज भी बड़ी चुनौती हैं।
अरोड़ा ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में कारोबारियों को राहत देना चाहती है तो केवल ऑनलाइन पोर्टल बनाने के बजाय हर विभाग की जवाबदेही तय करनी होगी। आवेदन के निपटारे की समय सीमा का पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कागजों पर समयबद्ध मंजूरी का प्रावधान बनाने और उसे बाजार में लागू करने के बीच बड़ा अंतर होता है।उन्होंने सरकार से मांग की कि पहले से चल रही योजनाओं और घोषणाओं की भी समीक्षा की जाए तथा सार्वजनिक किया जाए कि उनका वास्तविक लाभ कितने कारोबारियों तक पहुंचा है। अरोड़ा ने कहा कि ट्रिपल इंजन सरकार केवल घोषणाएं करती है और फिर उन्हें भूल जाती है। सरकार को अब घोषणाओं से आगे बढ़कर धरातल पर परिणाम दिखाने होंगे, तभी दिल्ली के व्यापारियों में उसके प्रति भरोसा पैदा होगा।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *