बारिश ने खोली दिल्ली की ड्रेनेज व्यवस्था की पोल सड़कें बनीं तालाब : परमानन्द शर्मा
नई दिल्ली( रविंद्र कुमार ): राजधानी दिल्ली में मानसून की तेज बारिश ने एक बार फिर दिल्ली सरकार और नगर निगम की जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार की भारी बारिश के बाद शुक्रवार को भी दिल्ली के अनेक हिस्सों में बारिश जारी रही और कई प्रमुख मार्गों, निचले इलाकों तथा बाजार क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली। सड़कों पर जमा पानी के कारण यातायात व्यवस्था चरमराई और हजारों लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से कई गुना अधिक समय लगा। मिनटों का सफर कई लोगों के लिए बना घंटों का सफर बारिश के कारण सबसे ज्यादा परेशानी दैनिक यात्रियों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, स्कूली बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और मरीजों को हुई। कई स्थानों पर जलभराव के कारण वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। कुछ यात्रियों ने बताया कि जो सफर सामान्य परिस्थितियों में 40-45 मिनट में पूरा होता है, उसमें दो घंटे से अधिक समय लग गया। यातायात संकेतकों के काम न करने और कुछ जाम वाले स्थानों पर पर्याप्त यातायात कर्मियों की मौजूदगी नहीं होने की शिकायतें भी सामने आईं। रामनगर वार्ड के पूर्व निगम प्रत्याशी परमानंद शर्मा ने बारिश के बाद दिल्ली की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए दिल्ली सरकार और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। शर्मा ने कहा कि मानसून दिल्ली के लिए कोई अप्रत्याशित घटना नहीं है। हर वर्ष बारिश होती है और प्रशासन के पास पहले से जलभराव वाले स्थानों की सूची रहती है। इसके बावजूद यदि कुछ घंटों की तेज बारिश के बाद सड़कें तालाब में तब्दील हो जाएं और लोगों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़े तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनका कहना है कि सरकार और संबंधित एजेंसियों को मानसून से काफी पहले नालों की पूरी सफाई, सिल्ट और कचरे का समय पर उठान, पंपों की उपलब्धता, जलनिकासी मार्गों की जांच, नालों के जंक्शन की सफाई और संवेदनशील स्थानों पर स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए था। सरकार की अपनी तैयारी के दावों पर भी सवाल दिल्ली में मानसून से पहले सरकार ने जलभराव से निपटने के लिए व्यापक तैयारियों का दावा किया था। जून में दिल्ली सरकार ने 169 जलभराव संभावित स्थानों की पहचान की थी, जिनमें 31 स्थान रिंग रोड से जुड़े बताए गए थे। नौ अंडरपास को विशेष रूप से संवेदनशील माना गया था |



