Delhi Drug Bust: दिल्ली पुलिस ने 9 करोड़ रुपये की हाई-क्वालिटी चरस बरामद की, अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़, 3 नेपाली तस्कर गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की साउथ डिस्ट्रिक्ट स्पेशल स्टाफ टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने करीब 9 करोड़ रुपये कीमत की 8 किलो 598 ग्राम हाई-क्वालिटी चरस बरामद करते हुए तीन नेपाली नागरिकों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह भारत-नेपाल सीमा के रास्ते चरस की तस्करी कर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करता था।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई एसीपी रितु राज की निगरानी में स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर अनुज कुमार की टीम ने की। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि कोटला मुबारकपुर इलाके के एक मकान में भारी मात्रा में मादक पदार्थ रखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और मौके से बड़ी मात्रा में चरस बरामद की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ज्योति पुन मगर, भरत थापा और गोविंद के रूप में हुई है। तीनों आरोपी मूल रूप से नेपाल के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, मुख्य सप्लायर ज्योति पुन मगर के कब्जे से 5 किलो 566 ग्राम चरस, भरत थापा से 1 किलो 552 ग्राम और गोविंद से 1 किलो 480 ग्राम चरस बरामद की गई। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह नेपाल से सटे सोनौली बॉर्डर के रास्ते चरस भारत लाता था और फिर दिल्ली-एनसीआर में इसकी सप्लाई करता था। ग्राहक व्हाट्सएप के जरिए ऑर्डर देते थे, जबकि डिलीवरी के लिए आरोपी ऑटो और बाइक टैक्सी जैसी सेवाओं का इस्तेमाल करते थे, ताकि उन पर किसी को शक न हो।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी हर सौदे के बाद व्हाट्सएप चैट डिलीट कर देते थे, जिससे उनके खिलाफ डिजिटल सबूत न मिल सकें। वहीं, भुगतान डिजिटल बैंकिंग माध्यमों से लिया जाता था, जिससे नकद लेन-देन से बचा जा सके।
इस मामले में कोटला मुबारकपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस उनके अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है।
दक्षिण जिला के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल लेन-देन और बैंक खातों की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का लक्ष्य इस पूरे अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की जड़ तक पहुंचना और नेपाल में बैठे मुख्य सप्लायरों की पहचान कर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है।



