सत्य के साथ • आपके साथबुधवार, 28 अक्टूबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
Free Medical Camp: चौधरी कृष्ण पाल सिंह तोमर की याद में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन, विनोद राणा ने दी जानकारीFarmers Welfare: बंसीलाल गुर्जर का अभिनंदन करने पहुंची दिल्ली प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा की टीमStudent Hostel Scheme: छात्रों को होगा फायदा, ट्रिपल इंजन सरकार लगातार कर रही जनहित में काम: रोमेश चंद्र गुप्ताAbhishek Sharma Records: अभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ रचा इतिहास, 38 गेंदों में 113 रन ठोककर टी20 में बनाए कई रिकॉर्डGaighata Rape-Murder Case: पश्चिम बंगाल में 17 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म और हत्या का मुख्य आरोपी एनकाउंटर में ढेर, पुलिस की रिवॉल्वर छीनकर की थी फायरिंगAmritsar Murder: AAP सरपंच के बेटे तीरथ सिंह की गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या, दोस्त घायल; चार आरोपियों की तलाशTheni Jailbreak: तमिलनाडु की जेल से 17 कैदी फरार, बीमारी का नाटक कर गार्डों पर किया हमला; पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशनHimanshu Bhau Gang: दिल्ली में गैंग से जुड़े 24 वर्षीय युवक की गिरफ्तारी, दो देसी पिस्तौल और तीन कारतूस बरामद

BJP Protest Strategy: SIR के खिलाफ INDIA गठबंधन की रैली के जवाब में सड़क पर उतरेंगे केंद्रीय मंत्री, भाजपा ने बनाया देशव्यापी अभियान का प्लान

4 मिनट पढ़ें

BJP Protest Strategy: SIR के खिलाफ INDIA गठबंधन की रैली के जवाब में सड़क पर उतरेंगे केंद्रीय मंत्री, भाजपा ने बनाया देशव्यापी अभियान का प्लान

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी INDIA गठबंधन के बीच राजनीतिक द्वंद्व अब संसद से निकलकर सीधे सड़कों पर उतर आया है। विपक्षी दलों द्वारा मतदाता सूचियों में कथित वोट चोरी, हेरफेर और पारदर्शिता के अभाव का आरोप लगाते हुए 1 नवंबर को राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली महारैली के जवाब में भाजपा ने एक विशाल देशव्यापी जनसंपर्क और जवाबी अभियान का खाका तैयार किया है। भाजपा ने अपने इस व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान को ‘प्रजातंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम दिया है, जिसके तहत पार्टी के दिग्गज केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारी और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री सीधे जनता के बीच जाएंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा का यह आक्रामक रुख विपक्षी INDIA गठबंधन के ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान की धार को कुंद करने के लिए तैयार किया गया है। विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग की SIR कवायद पर उंगली उठा रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि इसके जरिए चुनिंदा वर्गों और पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची से जानबूझकर काटे जा रहे हैं। इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने तय किया है कि विपक्ष के नैरेटिव का जवाब तथ्यों, जनसभाओं, प्रभात फेरियों और पदयात्राओं के माध्यम से उसी की भाषा में दिया जाएगा।

भाजपा की इस राष्ट्रव्यापी रणनीति का नेतृत्व स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे कद्दावर नेता करेंगे। पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अमित शाह आगामी 2 नवंबर को तेलंगाना के हैदराबाद में और 5 नवंबर को हरियाणा के करनाल में विशाल पदयात्राओं और जनसभाओं की अगुवाई करेंगे। इसके अलावा, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस विभिन्न राज्यों में आयोजित होने वाले शक्ति प्रदर्शन कार्यक्रमों में मुख्य वक्ता के तौर पर शिरकत करेंगे। भाजपा शासित राज्यों के मंत्रियों को भी अपने-अपने प्रभार वाले क्षेत्रों में पदयात्राएं निकालने के निर्देश जारी किए गए हैं।

भाजपा का यह अभियान विशेष रूप से उन राज्यों पर केंद्रित रहेगा, जहां आगामी महीनों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और गोवा जैसे महत्वपूर्ण राज्य शामिल हैं। पार्टी जमीनी स्तर पर मतदाताओं को यह समझाएगी कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक संवैधानिक, पारदर्शी और निरंतर चलने वाली कानूनी प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य केवल फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाकर वास्तविक नागरिकों को मताधिकार प्रदान करना है। इसके साथ ही भाजपा बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर घर-घर संपर्क अभियान चलाएगी।

अभियान को सोशल मीडिया और मुख्यधारा के मीडिया में प्रभावी बनाने के लिए पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं, प्रवक्ताओं और डिजिटल विंग के प्रमुखों की एक उच्चस्तरीय बैठक भी संपन्न हुई। इस बैठक में तय किया गया कि टेलीविजन बहसों में चुनाव आयोग के आधिकारिक दिशा-निर्देशों और आंकड़ों को मजबूती से रखा जाएगा, ताकि विपक्ष के दुष्प्रचार को निष्प्रभावी किया जा सके।

दूसरी तरफ, INDIA गठबंधन 1 नवंबर को रामलीला मैदान में विपक्षी एकजुटता का बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी में जुटा है और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है। हालांकि, भाजपा नेताओं ने 1 नवंबर की तारीख पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह दिन 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी का है, इसलिए विपक्ष को इस दिन ऐसा राजनीतिक आयोजन नहीं करना चाहिए। दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने भी धनतेरस और दिवाली के त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ से बाजार प्रभावित होने की आशंका जताते हुए तारीख बदलने की अपील की है। दोनों पक्षों की इस आमने-सामने की तैयारी ने देश के सियासी पारे को चरम पर पहुंचा दिया है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *