Raebareli Clash: मंदिर के पास तालाब में भैंस के पानी पीने पर दो पक्षों में चले लाठी-डंडे, चार महिलाओं समेत 11 घायल
रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में मंदिर के पास बने तालाब में भैंस के पानी पीने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट में बदल गया। नसीराबाद थाना क्षेत्र के राजापुर कुंवरमऊ स्थित भूइयां रानी मंदिर के पास दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले। घटना में चार महिलाओं समेत कुल 11 लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर डायल 112 और नसीराबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराते हुए घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया।
घटना की जानकारी मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक पवन गौतम भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और विवाद के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस के अनुसार, अभी किसी भी पक्ष की ओर से लिखित तहरीर नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद जांच के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था कायम है और पुलिस स्थिति पर नजर रख रही है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पूरे मोती मजरे आलमपुर निवासी शाहरुख पुत्र अनवर अपने जानवरों को राजापुर कुंवरमऊ स्थित भूइयां रानी मंदिर के आसपास के खेतों में चरा रहे थे। इसी दौरान उनकी एक भैंस मंदिर के पास बने तालाब में पानी पीने चली गई। बताया जा रहा है कि इस पर मंदिर के पुजारी ने आपत्ति जताई। पेड़ों को नुकसान न पहुंचाने और तालाब में भैंस न ले जाने की बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
आरोप है कि विवाद के दौरान मंदिर के पुजारी कमलेश दास पुत्र उमाशंकर सिंह ने फोन करके अभय सिंह, जय सिंह, जितेंद्र सिंह और चैतन्य सिंह भदौरिया को मौके पर बुलाया तथा उन्हें घटनाक्रम बताया। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। बातचीत के दौरान शुरू हुआ वाद-विवाद लगातार बढ़ता गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया। पुजारी की ओर से लोगों को बुलाए जाने और इसके बाद हुए घटनाक्रम से जुड़े आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच में होनी बाकी है।
बताया गया कि विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान वहां मौजूद कई लोग घायल हो गए। घटना में महिलाओं को भी चोटें आईं। मौके पर अफरा-तफरी मचने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
मारपीट में एक पक्ष से राजापुर कुंवरमऊ निवासी चैतन्य सिंह भदौरिया पुत्र बजरंग सिंह, जय सिंह पुत्र लवकुश सिंह, अभय सिंह पुत्र श्रीकांत सिंह, शिवम सिंह पुत्र श्रीकांत सिंह और जितेंद्र सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह घायल हुए। उपलब्ध जानकारी में इन पांचों को गंभीर चोटें आने की बात कही गई है। उन्हें उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
दूसरे पक्ष से पूरे मोती मजरे आलमपुर निवासी शाहरुख पुत्र अनवर, रेहान पुत्र जहीर, मोनी पुत्री अनवर, सोनी पुत्री अनवर, साबिरा पत्नी अनवर और कविता पत्नी नासिर घायल हुए। इस तरह दोनों पक्षों को मिलाकर कुल 11 लोगों को चोटें आईं, जिनमें चार महिलाएं शामिल हैं। सभी घायलों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है।
घटना की सूचना पर सबसे पहले डायल 112 की टीम पहुंची। इसके बाद नसीराबाद थाना पुलिस भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। साथ ही घटनाक्रम की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई।
अपर पुलिस अधीक्षक पवन गौतम ने मौके पर पहुंचकर मामले की बारीकी से जांच-पड़ताल की। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रित किया। मंदिर के पास तालाब में जानवर के पानी पीने से शुरू हुई कहासुनी किस तरह सामूहिक मारपीट में बदली, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फिलहाल किसी भी पक्ष से लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर तथ्यों की जांच करके संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में मुकदमा दर्ज होने या किसी गिरफ्तारी की पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। पुलिस के मुताबिक, गांव में फिलहाल शांति बनी हुई है और मामले पर निगरानी रखी जा रही है।





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