Green Crackers: दीपावली पर ग्रीन पटाखों की अनुमति का फैसला स्वागत योग्य : दीपक गाबा
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार)। दीपावली के पावन पर्व पर दिल्ली-एनसीआर में सीमित समय के लिए ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भाजपा शाहदरा जिला अध्यक्ष दीपक गाबा ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि दीपावली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हिंदू समाज की आस्था, परंपरा, संस्कृति और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा करोड़ों लोगों का प्रमुख पर्व है। ऐसे में इस अवसर पर लोगों को अपनी परंपराओं के अनुरूप दीपोत्सव मनाने का अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में सकारात्मक कदम है।
दीपक गाबा ने कहा कि दीपावली भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की खुशी में दीप जलाकर मनाया जाने वाला ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्व है। भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले करोड़ों भारतीय भी इस त्योहार को पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं। इसलिए दीपावली से जुड़ी परंपराओं और जनभावनाओं का सम्मान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने ग्रीन पटाखों को सीमित समय और निर्धारित शर्तों के साथ अनुमति देकर एक व्यावहारिक रास्ता निकाला है, जिससे लोग त्योहार की खुशियों में शामिल हो सकेंगे और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी भी निभा सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में 7 और 8 नवंबर 2026 को ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी है। इसके तहत सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे चलाए जा सकेंगे। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के अलावा पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही सामान्य पटाखों के स्थान पर निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले प्रमाणित ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है। 9 नवंबर से पटाखों पर प्रतिबंध फिर से प्रभावी हो जाएगा। दीपक गाबा ने कहा कि पर्यावरण की शुद्धता बनाए रखना और नागरिकों के स्वास्थ्य की चिंता करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल, निर्धारित समय-सीमा का पालन और न्यायालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों को अपनाकर दीपावली की खुशियां मनाई जा सकती हैं। दीपक गाबा ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल करें और निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन करें। उन्होंने कहा कि दीपावली खुशियों, रोशनी, आपसी भाईचारे और सकारात्मकता का पर्व है। इस अवसर पर यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी व्यक्ति को प्रदूषण या किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से जहां लोगों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान होगा, वहीं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बनाए रखने का संदेश भी मिलेगा।





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