सत्य के साथ • आपके साथगुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
Disability Empowerment: दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार के प्रयास सराहनीय: विनोद जायसAnti-Rabies Vaccine: जानवरों के हमलों के शिकार लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता: मुकेश बंसलKarwa Chauth Mahotsav: दिल्ली नगर निगम के सिविक सेंटर में भव्य करवा चौथ महोत्सव, महिलाओं के हस्तनिर्मित उत्पादों ने खींचा ध्यानChhath Puja Preparation: छठ महापर्व की तैयारियों में जुटी दिल्ली सरकार, सूर घाट की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश: रामनारायण दुबेFree Medical Camp: चौधरी कृष्ण पाल सिंह तोमर की याद में स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन, विनोद राणा ने दी जानकारीFarmers Welfare: बंसीलाल गुर्जर का अभिनंदन करने पहुंची दिल्ली प्रदेश भाजपा किसान मोर्चा की टीमStudent Hostel Scheme: छात्रों को होगा फायदा, ट्रिपल इंजन सरकार लगातार कर रही जनहित में काम: रोमेश चंद्र गुप्ताSpain Train Accident: स्पेन में दो हाई-स्पीड ट्रेनों की भीषण टक्कर, 68 लोगों की मौत, सैकड़ों यात्री प्रभावित, पटरी से उतरकर खाई में गिरे डिब्बे, बड़े पैमाने पर बचाव अभियान जारी

Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराया चक्रवात अर्नब, 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट

6 मिनट पढ़ें

Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश और यानम के तट से टकराया चक्रवात अर्नब, 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट

आंध्र प्रदेश और आसपास के तटीय इलाकों में चक्रवात अर्नब (Cyclone Arnab) ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 की सुबह दस्तक देकर मौसम की स्थिति को गंभीर बना दिया। बंगाल की खाड़ी से उठा यह बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश तथा केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के यानम तट के आसपास से गुजरा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान के तट पार करने की प्रक्रिया रात करीब 2 बजे से सुबह 8 बजे तक चली और सुबह 8 बजे तक इसका केंद्र पूरी तरह जमीन पर पहुंच गया। इस दौरान तूफान की अधिकतम निरंतर हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि हवा के झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे। तट से टकराने के बाद चक्रवात की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने लगी, लेकिन तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बना रहा।

चक्रवात अर्नब के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। विशाखापत्तनम, काकीनाडा और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने, बिजली की लाइनों को नुकसान पहुंचने और सड़कों पर यातायात बाधित होने की खबरें सामने आईं। विशाखापत्तनम में तेज हवाओं के कारण बीच रोड और सीतम्माधारा सहित कुछ इलाकों में पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। यानम के प्रवेश मार्ग के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-216 पर भी कई पेड़ उखड़ गए। राहत और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमें सड़कों से गिरे पेड़ों को हटाने और रास्तों को बहाल करने के काम में जुटीं। तूफान के प्रभाव से प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति और परिवहन व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनी रही।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी ताजा जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह 8:30 बजे चक्रवात का केंद्र आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र, यानम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास स्थित था। यह नरसापुर से लगभग 20 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व, यानम से 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और काकीनाडा से करीब 60 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था। तट पार करने के बाद तूफान बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी से कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, इसके अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना जताई गई। विभाग ने अनुमान लगाया कि अगले कुछ घंटों में यह चक्रवाती तूफान और उसके बाद गहरे दबाव वाले क्षेत्र में बदल सकता है। हालांकि, तूफान के कमजोर होने के बावजूद इसके प्रभाव वाले क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश से सतर्क रहने की जरूरत बनी रही।

चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रशासन ने पहले से ही बड़े पैमाने पर तैयारियां की थीं। संवेदनशील तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविर तैयार करने और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने पर जोर दिया गया। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, आंध्र प्रदेश में कम से कम 89 हजार लोगों को संवेदनशील इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। राज्य के 20 जिलों में दो हजार से अधिक आश्रय स्थलों की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा, हजारों मछली पकड़ने वाली नौकाओं को सुरक्षित किया गया और चिकित्सा दलों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रखा गया। समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं की आशंका के कारण मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई थी। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ तूफान के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाना रही।

चक्रवात के कारण रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ा। प्रभावित क्षेत्रों में कई रेलगाड़ियों को एहतियातन रद्द किया गया, जबकि कुछ उड़ानों के संचालन में भी बदलाव किए गए। आंध्र प्रदेश के हवाई अड्डों पर मौसम की स्थिति और परिचालन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विमानन सेवाओं की समीक्षा की गई। एयरलाइंस ने यात्रियों को अपनी उड़ानों की स्थिति जांचने और हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले संबंधित कंपनी से जानकारी लेने की सलाह दी। सड़कों पर पेड़ गिरने और तेज हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ, जिससे राहत एवं बचाव दलों को भी काम करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की।

ओडिशा में भी चक्रवात के प्रभाव को लेकर सतर्कता बरती गई। भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारियां की गईं। कुछ जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने जैसे एहतियाती कदम भी उठाए गए। मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में बारिश की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और स्थानीय चेतावनियों को गंभीरता से लेने की जरूरत बताई। चक्रवात के आगे बढ़ने के साथ बारिश का वितरण और हवा की गति अलग-अलग क्षेत्रों में बदल सकती है, इसलिए लोगों को केवल तूफान के तट पार कर जाने के आधार पर खतरा समाप्त मानने से बचने की सलाह दी गई।

चक्रवात अर्नब के कमजोर होने के बावजूद तटीय इलाकों में अगले कुछ घंटों के दौरान मौसम की स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण है। तेज हवाओं से कमजोर पेड़, बिजली के खंभे और अस्थायी ढांचे गिरने का खतरा बना रह सकता है। जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने, टूटे बिजली के तारों से दूर रहने और बिना जरूरत घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जाती है। मछुआरों और समुद्र के आसपास काम करने वाले लोगों को समुद्र में लौटने से पहले आधिकारिक अनुमति तथा मौसम संबंधी निर्देशों की जानकारी लेनी चाहिए। आपदा प्रबंधन एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना इस समय बेहद जरूरी है।

फिलहाल चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार करने के बाद कमजोर पड़ रहा है, लेकिन इसके कारण हुई तेज हवाओं, भारी बारिश और बुनियादी सुविधाओं को पहुंचे नुकसान का आकलन जारी है। मौसम विभाग की आगामी चेतावनियां प्रभावित राज्यों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी। लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और आपात स्थिति में प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन विभाग की सहायता लेने की सलाह दी गई है।

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *