Anti-Rabies Vaccine: जानवरों के हमलों के शिकार लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता: मुकेश बंसल
नई दिल्ली। दिल्ली में कुत्तों, बंदरों, बिल्लियों और अन्य जानवरों के काटने या हमले के शिकार लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) अपने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठा रहा है। निगम ने अगले दो वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कुल 1.20 लाख शीशियों की खरीद की योजना को मंजूरी दी है। इनमें से 21,500 शीशियां मई 2026 में खरीदी जा चुकी हैं, जबकि शेष 98,500 शीशियों की खरीद को स्वीकृति दी गई है।
कर्दमपुरी वार्ड के निगम पार्षद मुकेश बंसल ने कहा कि जानवरों के हमलों के शिकार लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना दिल्ली नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि निगम के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज वैक्सीन का पर्याप्त भंडार बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद लोगों को इलाज के दौरान वैक्सीन की कमी के कारण परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि जानवर के काटने या हमले की स्थिति में समय पर चिकित्सा सहायता मिलना बेहद जरूरी है और इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
मुकेश बंसल के अनुसार, एमसीडी ने अपनी स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरतों का आकलन करने के बाद अगले दो वर्षों के लिए वैक्सीन खरीदने की योजना तैयार की है। निगम के चार अस्पतालों और 25 स्वास्थ्य केंद्रों में जानवरों के काटने के शिकार लोगों को उपचार उपलब्ध कराया जाता है। इन स्वास्थ्य संस्थानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए निगम ने एंटी रेबीज वैक्सीन की सालाना औसत आवश्यकता लगभग 60 हजार शीशियां आंकी है। इसी आकलन के आधार पर दो वर्षों के लिए कुल 1.20 लाख शीशियों की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए मई 2026 में 21,500 शीशियां खरीदी गई थीं। अब शेष 98,500 शीशियों की खरीद को मंजूरी मिलने से आगामी अवधि में वैक्सीन की उपलब्धता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। निगम की इस योजना का उद्देश्य अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के लिए आने वाले लोगों को आवश्यक वैक्सीन उपलब्ध कराना और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
मुकेश बंसल ने कहा कि जानवरों के काटने की घटनाओं में समय पर चिकित्सा सहायता और एंटी रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता लोगों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में स्वास्थ्य संस्थानों में वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना जरूरी है, ताकि मरीजों को उपचार के लिए भटकना न पड़े। एमसीडी की ओर से प्रस्तावित खरीद से अगले दो वर्षों की अनुमानित जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।





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