Disability Empowerment: दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार के प्रयास सराहनीय: विनोद जायस
नई दिल्ली। समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और जरूरतमंद लोगों के लिए रोजगार एवं आत्मनिर्भरता के अवसर बढ़ाने की दिशा में दिल्ली सरकार की पहल का भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता विनोद जायस ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से दिव्यांगजनों के कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सशक्तीकरण पर दिया जा रहा जोर सकारात्मक कदम है। इससे दिव्यांगजनों को अपनी क्षमताओं के अनुरूप अवसर प्राप्त करने, सम्मानजनक जीवन जीने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल सकती है।
विनोद जायस ने सक्षम इंद्रप्रस्थ के प्रांत अधिवेशन में दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद की ओर से राजधानी में कौशल विकास बोर्ड स्थापित करने की दिशा में पहल करने के आश्वासन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास बोर्ड के गठन से दिव्यांगजनों की क्षमताओं और जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करने तथा उनके लिए रोजगार के अवसर विकसित करने में मदद मिल सकती है। इससे ऐसे लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, जिन्हें कई बार आवश्यक संसाधनों और उपयुक्त अवसरों की कमी का सामना करना पड़ता है।
विनोद जायस ने कहा कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी योजनाओं का विस्तार महत्वपूर्ण है। उन्होंने विधायक कर्नेल सिंह की ओर से दिव्यांगजनों के लिए 500 से अधिक दुकानों के आवंटन को लेकर दिए गए भरोसे को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, यदि इस तरह की पहल प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो इससे दिव्यांगजनों को स्वरोजगार शुरू करने और अपनी आजीविका मजबूत करने में सहायता मिल सकती है। दुकानें उपलब्ध होने से उन्हें अपने कौशल और व्यावसायिक क्षमता के आधार पर आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के लिए सरकार और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। कौशल विकास, शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार से संबंधित योजनाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने से उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य अधिक प्रभावी तरीके से हासिल किया जा सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि योजनाओं के लाभार्थियों की जरूरतों को समझते हुए प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
विनोद जायस ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी मानी जा सकती है, जब उनका लाभ पात्र और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। उन्होंने समावेशी विकास के लिए शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्रों में अवसर बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली सरकार दिव्यांगजनों सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए योजनाओं को आगे बढ़ाएगी और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान देगी, ताकि अधिक से अधिक लोग आत्मनिर्भर बन सकें और सम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सकें।





आपकी राय