Rahul Gandhi Convoy Accident: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर काफिले के पीछे चल रही गाड़ियां टकराईं, राहुल गांधी सुरक्षित; जांच के लिए SIT गठित
सुलतानपुर/लखनऊ। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सोमवार, 26 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जाते समय पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर उनके काफिले के पीछे चल रहे वाहनों के आपस में टकराने की घटना सामने आई है। यह सड़क हादसा सुलतानपुर जिले के हलियापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन संख्या 89.5 के नजदीक हुआ। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में राहुल गांधी पूरी तरह सुरक्षित रहे और जिस वाहन में वह सवार थे, वह इस टक्कर में शामिल नहीं था। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष के काफिले के पीछे चल रही गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने पूरी घटना की विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार सुबह उस वक्त हुई जब राहुल गांधी राजधानी लखनऊ से सड़क मार्ग से होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रास्ते सुलतानपुर की तरफ जा रहे थे। यात्रा के दौरान उनके मुख्य काफिले के पीछे चल रही चार कारें और एक एंबुलेंस अचानक आपस में टकरा गईं। पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में बताया गया है कि काफिले के पीछे चल रहे वाहनों के आगे जा रही एक निजी गाड़ी के चालक ने अचानक तेज ब्रेक लगा दिए, जिसके कारण पीछे रफ्तार में आ रहे वाहन संभल नहीं सके और एक के बाद एक आपस में भिड़ गए। जिन वाहनों के बीच यह टक्कर हुई, उनमें मुख्य रूप से कांग्रेस पार्टी के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की गाड़ियां शामिल थीं। शुरुआती रिपोर्ट में इस घटना को मामूली टक्कर बताया गया है और इसमें किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट आने की पुष्टि नहीं हुई है।
इस आकस्मिक दुर्घटना के समय राहुल गांधी का सुरक्षा वाहन काफी आगे और पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में था। एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की टक्कर के चलते कुछ समय के लिए वहां यातायात और वाहनों की आवाजाही आंशिक रूप से प्रभावित हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा तुरंत स्थिति संभाल लिए जाने के बाद राहुल गांधी का काफिला अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुलतानपुर की ओर आगे रवाना हो गया। उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी सुलतानपुर की विशेष एमपी-एमएलए (MP-MLA) अदालत में चल रहे एक पुराने मानहानि मामले की सुनवाई में उपस्थित होने के लिए जा रहे थे। उनके दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने पहले से ही अदालत परिसर तथा आसपास के मार्गों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे।
वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान एक्सप्रेसवे पर काफिले के पीछे चल रहे वाहनों की इस टक्कर के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है। यह विशेष जांच टीम घटना के पूरे घटनाक्रम, एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति व आवाजाही, सुरक्षा प्रोटोकॉल, पुलिस एस्कॉर्ट प्रबंधन और यातायात नियंत्रण से जुड़े हर एक पहलू की गहनता से जांच करेगी। एसआईटी इस बात की भी पड़ताल करेगी कि यह दुर्घटना केवल आगे चल रहे निजी वाहन चालक की मानवीय लापरवाही का परिणाम थी या फिर काफिले की सुरक्षा व यातायात व्यवस्था में किसी स्तर पर कोई चूक हुई थी। जांच दल को सभी साक्ष्यों और बयानों के आधार पर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द पुलिस मुख्यालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि राहुल गांधी वर्ष 2018 के जिस मानहानि मामले की अदालती कार्यवाही में शामिल होने सुलतानपुर पहुंचे थे, वह कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरु में दिए गए उनके एक कथित बयान से संबंधित है। इस मामले में आरोप है कि उन्होंने तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके खिलाफ सुलतानपुर के स्थानीय भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अदालत में परिवाद दायर कराया था। सोमवार को विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनी गईं। वहीं दूसरी ओर, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए सड़क हादसे के बाद अब पुलिस प्रशासन का पूरा ध्यान जांच के निष्कर्षों और भविष्य में वीवीआईपी काफिलों के दौरान ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा पर केंद्रित है।





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