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Ghazipur Mandi Extortion: गाजीपुर फल-सब्जी मंडी में अवैध कब्जों और वसूली का गंभीर आरोप, सड़क से लेकर शौचालय तक प्रशासन पर उठे सवाल

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Ghazipur Mandi Extortion: गाजीपुर फल-सब्जी मंडी में अवैध कब्जों और वसूली का गंभीर आरोप, सड़क से लेकर शौचालय तक प्रशासन पर उठे सवाल

एशिया की प्रमुख कृषि व्यापार मंडियों में शुमार दिल्ली की गाजीपुर फल एवं सब्जी मंडी इन दिनों अवैध कब्जों, खुलेआम अतिक्रमण और सुनियोजित अवैध वसूली के गंभीर आरोपों के चलते विवादों के केंद्र में आ गई है। मंडी के किसानों, आढ़तियों और दैनिक खरीदारों का आरोप है कि मंडी परिसर के भीतर मुख्य सड़कों, आवागमन के रास्तों और दुकानों के ठीक सामने अवैध पटरी और फड़ लगाने के नाम पर रोजाना 200 से 500 रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही है। इस अवैध गतिविधि के चलते मंडी की चौड़ी सड़कें संकरी गलियों में तब्दील हो गई हैं, जिससे दूर-दराज से अपनी फसल लेकर आने वाले किसानों के ट्रकों और खरीदारों के वाहनों को घंटों भीषण जाम में फंसे रहना पड़ता है।

मंडी से जुड़े आढ़तियों और किसान प्रतिनिधियों का कहना है कि सिर्फ सड़कों पर ही नहीं, बल्कि मंडी परिसर में बने शौचालयों और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के उपयोग पर भी किसानों और मजदूरों से जबरन वसूली की जा रही है। इसके अतिरिक्त, मंडी परिसर में फैली भारी गंदगी, कचरे के अनियंत्रित ढेर और बदबू ने यहां काम करने वाले लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। एक स्थानीय आढ़ती ने यह सनसनीखेज आरोप भी लगाया है कि मंडी प्रशासन से जुड़ा एक कर्मचारी पिछले करीब 25 वर्षों से यहीं जमा हुआ है, जिसकी छत्रछाया में पार्किंग और तहबाजारी का अवैध सिंडिकेट संचालित हो रहा है। किसानों का कहना है कि पूर्व में जब एक नए अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई थी तो कुछ दिनों तक व्यवस्था सुधरी थी, लेकिन बाद में सिंडिकेट ने फिर से पूरे परिसर पर अपना कब्जा जमा लिया।

इस पूरे प्रकरण में सरकारी राजस्व को भारी चूना लगाए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। किसानों का दावा है कि ट्रकों से निर्धारित सरकारी पर्ची शुल्क के बजाय मनमाने पैसे वसूले जाते हैं, जिससे मंडी से प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख रुपये तक की अवैध आमदनी जुटाई जाती है, जबकि सरकारी खजाने में महज 50 से 70 हजार रुपये ही दर्शाए जाते हैं। शिकायतकर्ताओं ने मनोज नामक एक व्यक्ति की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उसकी अवैध संपत्ति और भ्रष्टाचार की विजिलेंस जांच कराने की मांग उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार से की है। मंडी समिति के अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की जांच कराई जा रही है और अतिक्रमण व अनियमितता पाए जाने पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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