Tiger Shroff Firing Case: अमृतसर से ट्रेन के जरिए मुंबई पहुंचाए गए थे हथियार, दो महिलाओं समेत चार आरोपियों की पुलिस हिरासत 28 अक्टूबर तक बढ़ी
मुंबई। बॉलीवुड के मशहूर एक्शन अभिनेता टाइगर श्रॉफ के वाहन पर हुई अंधाधुंध गोलीबारी के सनसनीखेज मामले में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने हथियारों की अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए मुंबई की एक स्थानीय अदालत ने सोमवार, 26 अक्टूबर को दो महिलाओं सहित चार मुख्य आरोपियों की पुलिस हिरासत 28 अक्टूबर तक बढ़ा दी। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन चारों आरोपियों ने पंजाब से हथियार लाकर वारदात को अंजाम देने वाले पेशेवर शूटरों तक पहुंचाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। पुलिस अब इस पूरे आपराधिक गठजोड़ के सरगना और फंडिंग के स्रोतों तक पहुंचने के लिए आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है।
क्राइम ब्रांच द्वारा कोर्ट में पेश किए गए आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल व सुमित तथा उत्तर प्रदेश की रहने वाली राधा और बबीता के तौर पर हुई है। चारों आरोपियों की पूर्व में मिली पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एस. खेड़कर की अदालत में पेश किया गया था। जांच अधिकारी ने अदालत में दलील दी कि मामले में प्रयुक्त अत्याधुनिक हथियारों की खरीद-फरोख्त, नेटवर्क में शामिल अन्य मददगारों और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पड़ताल के लिए आरोपियों की हिरासत अवधि बढ़ाया जाना अत्यंत आवश्यक है, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इस मामले में अब तक विभिन्न राज्यों से कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अदालत की कार्यवाही के दौरान सरकारी वकील और पुलिस अधिकारियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए। पुलिस ने बताया कि इस पूरी आपराधिक साजिश के दौरान आरोपी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ‘सिग्नल’ (Signal App) का उपयोग कर रहे थे ताकि उनकी बातचीत को ट्रैक न किया जा सके। वारदात के बाद आरोपियों ने अपने चैट रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स को नष्ट कर सबूत मिटाने का प्रयास किया था। हालांकि, फॉरेंसिक टीम ने आरोपियों के जब्त मोबाइल फोनों से कई आपत्तिजनक तस्वीरें, वीडियो, चैट बैकअप और हथियारों की खेप से जुड़े डिजिटल सुराग बरामद कर लिए हैं।
जांच में सामने आई कड़ियों के अनुसार, कुणाल और सुमित हथियारों की खेप लेने के लिए पंजाब के अमृतसर गए थे। अमृतसर से हथियार हासिल करने के बाद उन्होंने इसे राधा और बबीता नामक महिलाओं को सौंपा। महिलाओं ने सुरक्षा एजेंसियों और रेलवे पुलिस की नजरों से बचते हुए इन अवैध हथियारों को लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए मुंबई पहुंचाया और वहां पहले से मौजूद हमलावरों को सीधे डिलीवर कर दिया। पुलिस अब यह सुनिश्चित करने में लगी है कि क्या इन महिलाओं का इस्तेमाल पहले भी हथियार तस्करी के लिए किया जाता रहा है। इसके साथ ही अदालत से कुछ आरोपियों के वॉयस सैंपल लेने और जेल में बंद अन्य संदिग्धों से आमना-सामना कराने की अनुमति भी मांगी गई है।
उल्लेखनीय है कि यह खौफनाक वारदात 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के पॉश उपनगरीय इलाके जुहू में घटी थी। वहां अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ की लग्जरी कार को निशाना बनाते हुए करीब पांच से छह राउंड गोलियां बरसाई थीं। हमले के दौरान अभिनेता बाल-बाल बच गए थे, लेकिन उनके निजी ड्राइवर और सड़क किनारे चल रहे एक राहगीर को छर्रे लगने से चोटें आई थीं। वारदात के बाद शूटर अंधेरी इलाके में अपनी बिना नंबर वाली बाइक छोड़कर फरार हो गए थे। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और शस्त्र अधिनियम की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, जिसमें अंडरवर्ल्ड या किसी बड़े संगठित आपराधिक गिरोह की संलिप्तता की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।




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