NHRC सख्त, पुलिस कमिश्नर को भेजा नोटिस, छह हफ्ते में मांगी रिपोर्ट, 11 की हुई थी मौत

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NHRC सख्त, पुलिस कमिश्नर को भेजा नोटिस, छह हफ्ते में मांगी रिपोर्ट, 11 की हुई थी मौत

मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली के मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. FIR की स्थिति और पीड़ित परिवारों को मुआवजे की जानकारी भी मांगी है.

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने दिल्ली में अलीपुर की फैक्टरी में आग लगने के मामले में सख्त रूख अपनाया है. मानवाधिकार आयोग ने अलीपुर में आग लगने की घटना के मद्देनजर दिल्ली सरकार और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है. फैक्टरी में आग लगने की इस घटना में 11 लोगों की मौत हो गई थी. अधिकारियों ने शुक्रवार (23 फरवरी) को नोटिस भेजे जाने के संबंध में जानकारी दी.

अधिकारियों के मुताबिक आयोग के पैनल ने दिल्ली सरकार को खतरनाक केमिकल और दूसरे ज्वलनशील पदार्थों का निर्माण करने वाली फैक्ट्री के बारे में सर्वे कराए जाने की बात कही है. साथ ही अधिनियम के अनुसार सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन किए बिना अवैध रूप से चलने वाली सभी इंडस्ट्रियल यूनिट का सर्वेक्षण करने और छह सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया है.

नोटिस जारी करते हुए आयोग ने आगे कहा कि यह आग लगने की कोई अकेली घटना नहीं है, जहां हाल के दिनों में राष्ट्रीय राजधानी में कंपनियों और अधिकारियों की लापरवाही के कारण निर्दोष मजदूरों की मौत हो गई है. अधिकारियों ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि लोक सेवकों ने पिछली त्रासदियों से कोई सबक नहीं लिया है. पुलिस के मुताबिक, 15 फरवरी को पेंट फैक्टरी में लगी आग में कम से कम 11 लोग मारे गए और कई घायल हो गए थे.

NHRC ने 6 हफ्ते में मांगी रिपोर्ट

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने एक बयान में कहा कि उसने घटना पर प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रिपोर्ट्स का स्वत: संज्ञान लिया है. आयोग ने पाया है कि समाचार रिपोर्ट की सामग्री, अगर सत्य है, तो मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा उठाती है. आयोग ने दिल्ली के मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. इसमें कहा गया है कि रिपोर्ट में एफआईआर की स्थिति और पीड़ित परिवारों को मुआवजे के वितरण की जानकारी शामिल होनी चाहिए.

हाल में कब-कब हुई आग की घटनाएं?

आयोग ने इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर भी जानने की इच्छा जाहिर की है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो सके. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मई 2022 में दिल्ली के मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास एक चार मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लगने से 20 लोगों की जान चली गई थी. इससे पहले जनवरी 2018 में, उत्तर पश्चिमी दिल्ली में एक अवैध पटाखा पैकेजिंग यूनिट में आग लगने से 17 मजदूरों की मौत हो गई थी.

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