विधानसभा में तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर क्या बोले जीतन राम मांझी? राजनीतिक समझ पर उठाया सवाल

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विधानसभा में तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति पर क्या बोले जीतन राम मांझी? राजनीतिक समझ पर उठाया सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को कोई राजनीतिक ज्ञान नहीं है या अत्यधिक अभिमान हो गया है.

पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) बिहार विधानसभा में चल रहे हैं. बजट सत्र को छोड़कर बिहार के जिलों में जन विश्वास यात्रा (Jan Vishwas Yatra) के दौरे पर हैं और इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और एनडीए की सरकार पर जमकर हमला भी कर रहे हैं. वहीं, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने गुरुवार को तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि या तो तेजस्वी यादव को कोई राजनीतिक ज्ञान नहीं है या अत्यधिक अभिमान हो गया है. वह कैसी राजनीति करते हैं कि अभी विधानसभा सत्र चल रहा है उनको सदन में सरकार के समक्ष जनता के मुद्दे को उठाना चाहिए था और सदन में बोलना चाहिए था तो वह सदन में ना बोल करके बाहर जाकर बोल रहे हैं और इतनी घटिया बात बोल रहे हैं कि मुझे आश्चर्य होता है.

वह कह रहे है कि 17 महीने में हमने नौकरी दी है, लगता है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं थे वो ही मुख्यमंत्री थे. किसी भी मंत्रिमंडल में कोई काम का योगदान मुख्यमंत्री का होता है ना कि मंत्री का.

समय पर चुनाव कराया जाएगा- जीतन राम मांझी

तेजस्वी यादव के विधानसभा भंग होने वाले बयान पर मांझी ने कहा कि तेजस्वी यादव अब सरकार से बाहर निकल गए हैं तो कुछ भी बोल सकते हैं. नीतीश कुमार ने साफ तौर पर कहा है कि किसी परिस्थिति में मध्यावधि चुनाव के लिए हम लोग तैयार नहीं हैं. समय पर चुनाव कराया जाएगा. वह जब बाहर निकल गए हैं और ऐसे जनता के बीच में जाते हैं जहां लोग सिर्फ उनकी बात ही समझने की कोशिश करते हैं और उसी को वह समझते हैं जो असवैधानिक होता. यह पूरी तरह गलत बात है नीतीश कुमार का इशारा है ठीक समय पर चुनाव होगा.

उन्होंने कहा कि हम और हमारी पार्टी एक देश एक चुनाव पर कायम हैं. हम भी चाहते हैं कि ऐसा होना चाहिए, लेकिन यह अभी की बात नहीं है आने वाले समय में कभी होगा अभी यह सब नहीं होने वाला है.

केके पाठक पर नरम दिखे मांझी 

पूर्व मुख्यमंत्री केके पाठक पर नरम दिखे. उन्होंने कहा कि वह बहुत ईमानदार अधिकारी हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने सदन में कह दिया है तो 10 बजे से 4 बजे तक ही स्कूल होगा. यह अलग बात है कि केके पाठक के संज्ञान में यह बात नहीं आई होगी. यह कोई बड़ी बात नहीं है. बैठकर समझा दिया जाएगा और जो मुख्यमंत्री ने कहा है वही बातें होंगी. केके पाठक सरकार से अलग जाने वाले नहीं हैं. अंत में जीतन राम मांझी ने तेजस्वी पर माय ही नहीं बाप की पार्टी वाले बयान पर कर चुटकी लेते हुए कहा कि वह कुछ दिन में बहन और बहनोई की भी पार्टी कहेंगे और कुछ दिन के बाद भाई और भौजाई की भी पार्टी कहेंगे तो जिनका ठौर ठिकाना नहीं है उनकी बात का तवज्जो क्या देना है?

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